बिहार के औरंगाबाद जिले में खनन क्षेत्र में बड़ी हलचल देखने को मिल रही है। बिहार खान एवं भूविज्ञान विभाग औरंगाबाद के मदनपुर प्रखंड स्थित सधैल पहाड़ के 20 हेक्टेयर क्षेत्र की ई-टेंडर नीलामी की तैयारी में जुटा है। इस नीलामी से सरकार को 300 करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व मिलने की उम्मीद है।
सधैल पहाड़ की ई-टेंडर नीलामी: एक बड़ा अवसर
विभाग ने सधैल पहाड़ की नीलामी के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं और यह प्रक्रिया 11 अगस्त, 2026 के बाद के सप्ताह में शुरू होने की संभावना है। इस नीलामी को कई छोटे ब्लॉकों में बांटा जाएगा, जिससे अधिक से अधिक बोली लगाने वालों को मौका मिले और प्रतिस्पर्धा बढ़े। प्रतिस्पर्धा बढ़ने से सरकार को मिलने वाला राजस्व भी बढ़ेगा।
व्यापारियों और ठेकेदारों के लिए अवसर
सफल बोलीदाताओं को पांच साल के लिए खनन पट्टा (mining lease) दिया जाएगा। खनन पट्टा का अर्थ है कि उन्हें पांच साल तक इस क्षेत्र से खनिज निकालने की अनुमति होगी। इसके साथ ही, उन्हें पहाड़ के दो किलोमीटर के दायरे में क्रशर प्लांट (crusher plants) स्थापित करने की भी अनुमति मिलेगी। क्रशर प्लांट वे इकाइयाँ होती हैं जो बड़े पत्थरों को तोड़कर छोटे गिट्टी या रेत बनाती हैं, जिनका उपयोग निर्माण कार्यों में होता है। यह सुविधा ठेकेदारों और निर्माण सामग्री आपूर्तिकर्ताओं के लिए महत्वपूर्ण है। पट्टे की राशि में हर साल 20% की वृद्धि होगी, जो सरकार के लिए स्थायी राजस्व सुनिश्चित करेगा।
ई-टेंडर प्रक्रिया क्या है?
ई-टेंडर एक ऑनलाइन नीलामी प्रक्रिया है जहाँ इच्छुक पार्टियाँ इंटरनेट के माध्यम से अपनी बोलियाँ जमा करती हैं। यह प्रक्रिया पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करती है, जिससे सभी बोली लगाने वालों को समान अवसर मिलते हैं।
पचार पहाड़ की नीलामी स्थगित
इसके विपरीत, औरंगाबाद के रफीगंज प्रखंड स्थित पचार पहाड़ की नीलामी को फिलहाल रोक दिया गया है। सर्वेक्षणों से पता चला है कि इस पहाड़ पर जैन मंदिर, पार्श्वनाथ मंदिर और एक दरगाह जैसे धार्मिक स्थल मौजूद हैं। इन धार्मिक स्थलों के महत्व को देखते हुए विभाग ने नीलामी स्थगित कर दी है और अब पचार पहाड़ का पुन: सर्वेक्षण किया जाएगा। यह निर्णय धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के प्रति सरकार की संवेदनशीलता को दर्शाता है।
यह खबर उन छोटे व्यवसाय मालिकों, ठेकेदारों और उद्यमियों के लिए महत्वपूर्ण है जो खनन और निर्माण सामग्री उद्योग से जुड़े हैं। सधैल पहाड़ की नीलामी उनके लिए नए व्यावसायिक अवसर खोल सकती है।
