अरवल में 12.3 किमी फोर-लेन बाईपास के लिए ₹269.53 करोड़ का टेंडर जारी

ThisNews Desk
अरवल में 12.3 किमी फोर-लेन बाईपास के लिए ₹269.53 करोड़ का टेंडर जारी
चित्र: Sururi Ballıdağ Director / Pexels

बिहार के अरवल जिले में यातायात को सुगम बनाने और आर्थिक गतिविधियों को गति देने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा परियोजना शुरू की गई है। राष्ट्रीय राजमार्ग 139 (NH-139) पर यातायात की भीड़ को कम करने के लिए 12.3 किलोमीटर लंबा चार-लेन बाईपास बनाया जाएगा। इस परियोजना की अनुमानित लागत लगभग ₹269.53 करोड़ है।

सरकार द्वारा इस सड़क परियोजना के लिए टेंडर (निविदा) जारी कर दिया गया है। टेंडर एक औपचारिक प्रक्रिया है जिसके तहत सरकार या कोई संस्था किसी काम को करवाने के लिए कंपनियों से प्रस्ताव आमंत्रित करती है। जो कंपनी सबसे उपयुक्त शर्तों पर काम करने को तैयार होती है, उसे ठेका दिया जाता है। इस परियोजना के लिए प्री-बिड मीटिंग (बोली-पूर्व बैठक) 24 सितंबर, 2026 को आयोजित की जाएगी, जिसमें संभावित बोलीदाता परियोजना से संबंधित प्रश्न पूछ सकते हैं। इसके बाद, टेंडर 23 अक्टूबर, 2026 को खोला जाएगा। एजेंसी के चयन और टेंडर प्रक्रिया को अंतिम रूप देने के बाद, निर्माण कार्य 730 दिनों, यानी लगभग दो वर्षों में पूरा होने की उम्मीद है। यह बाईपास नौबतपुर-हरिहरगंज सड़क (NH-139 का हिस्सा) पर किलोमीटर 54.200 और 66.500 के बीच बनाया जाएगा।

यह बुनियादी ढांचा विकास बिहार की अर्थव्यवस्था के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह बाईपास वाहनों के लिए एक वैकल्पिक मार्ग प्रदान करके मुख्य सड़क पर दबाव कम करेगा, जिससे परिवहन सुगम और तेज होगा। बेहतर कनेक्टिविटी (जुड़ाव) और यात्रा के समय में कमी व्यवसायों, विशेषकर सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSMEs) और व्यापारियों के लिए महत्वपूर्ण है। MSMEs छोटे और मध्यम आकार के व्यवसाय होते हैं जो अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उनके लिए अपने माल को बाजारों तक आसानी से पहुंचाना व्यापार वृद्धि के लिए आवश्यक है।

हालांकि इस विशिष्ट परियोजना के लिए प्रत्यक्ष रोजगार सृजन के आंकड़े उपलब्ध नहीं हैं, बड़े पैमाने की सड़क परियोजनाएं आमतौर पर निर्माण क्षेत्र में श्रमिकों के लिए रोजगार के अवसर पैदा करती हैं। पूरे बिहार में बेहतर सड़क नेटवर्क से व्यापार, पर्यटन और समग्र आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की व्यापक उम्मीद है, जिससे उद्यमी और स्थानीय आबादी दोनों लाभान्वित होंगे। यह परियोजना न केवल यात्रा को आसान बनाएगी बल्कि क्षेत्र के आर्थिक विकास के लिए भी नए द्वार खोलेगी।

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