बिहार सरकार ने भागलपुर और बांका जिलों को जोड़ने वाले राज्य राजमार्ग 25 (SH-25) के नवीनीकरण के लिए ₹239.33 करोड़ की प्रशासनिक मंजूरी दे दी है। यह परियोजना सड़क के 44 किलोमीटर लंबे हिस्से के चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण का कार्य करेगी, जिसे दोनों तरफ पक्के कंधों (paved shoulders) के साथ दो-लेन वाले कैरिजवे (two-lane carriageway) के रूप में विकसित किया जाएगा। इस महत्वपूर्ण पहल के लिए बिहार राज्य सड़क विकास निगम लिमिटेड (BSRDCL) को कार्यकारी एजेंसी नियुक्त किया गया है।
यह नवीनीकरण गोराडीह, तमाउनी मोड़, सिमरिया, रतनगंज, अमरपुर और समुखिया से गुजरने वाले गलियारे को कवर करेगा। यह सड़क बिहार और झारखंड के बीच यातायात प्रवाह को सुगम बनाएगी, जिससे व्यापार और आवागमन दोनों को लाभ होगा। इस परियोजना की प्रशासनिक मंजूरी की खबर 27 जुलाई, 2026 को हिंदी दैनिक प्रभात खबर और पटना प्रेस द्वारा प्रकाशित की गई थी। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी मार्च 2026 में इस परियोजना की समीक्षा की थी और इसके समय पर पूरा होने पर जोर दिया था।
अगस्त 2026 तक, इस परियोजना के लिए निविदाएं (tenders) अभी तक जारी नहीं की गई हैं। निविदा प्रक्रिया पूरी होने और मानसून के बाद, निर्माण कार्य अक्टूबर 2026 में शुरू होने की उम्मीद है। पूरे प्रोजेक्ट को 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
यह बुनियादी ढांचा उन्नयन (infrastructure upgrade) बिहार की अर्थव्यवस्था के लिए, विशेष रूप से भागलपुर और बांका क्षेत्रों में छोटे व्यवसाय मालिकों, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSMEs), व्यापारियों और उद्यमियों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। बेहतर कनेक्टिविटी से यात्रा का समय और वाहनों की परिचालन लागत (गाड़ियों को चलाने में लगने वाला खर्च जैसे ईंधन, रखरखाव) कम होगी। इससे वाणिज्यिक वाहनों के लिए लॉजिस्टिक्स खर्च (माल को एक जगह से दूसरी जगह ले जाने का कुल खर्च) घटेगा और माल की आवाजाही अधिक सुचारू होगी।
यह उन्नत सड़क नेटवर्क आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देगा, कृषि उत्पादों और अन्य वस्तुओं के लिए बाजार पहुंच (अपने उत्पादों को बाजारों तक आसानी से पहुंचाने की क्षमता) में सुधार करेगा, और दक्षिण बिहार में नए व्यापार और निवेश के अवसर पैदा कर सकता है। इस परियोजना का उद्देश्य भागलपुर और बांका के बीच यात्रा को अधिक कुशल, आरामदायक और सुरक्षित बनाना है, जिससे समग्र क्षेत्रीय विकास में योगदान मिलेगा।
