खान मंत्रालय ने पटना में महत्वपूर्ण खनिज ब्लॉक नीलामी रोडशो और NMEDT कार्यशाला आयोजित की

ThisNews Desk
खान मंत्रालय ने पटना में महत्वपूर्ण खनिज ब्लॉक नीलामी रोडशो और NMEDT कार्यशाला आयोजित की
चित्र: Strange Happenings / Pexels

भारत सरकार के खान मंत्रालय ने 17 अगस्त, 2026 को बिहार की राजधानी पटना में एक महत्वपूर्ण रोडशो और कार्यशाला का आयोजन किया। इस पहल का मुख्य उद्देश्य महत्वपूर्ण और रणनीतिक खनिज ब्लॉक की नीलामी के 8वें चरण के बारे में जागरूकता बढ़ाना और राष्ट्रीय खनिज अन्वेषण एवं विकास न्यास (NMEDT) के कार्यों पर प्रकाश डालना था।

यह आयोजन बिहार के छोटे व्यवसायियों, ठेकेदारों, व्यापारियों और उद्यमियों के लिए खनन क्षेत्र में नए अवसरों को समझने का एक महत्वपूर्ण मंच साबित हुआ। "महत्वपूर्ण और रणनीतिक खनिज" ऐसे खनिज होते हैं जो किसी भी देश की अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए अत्यंत आवश्यक माने जाते हैं। इनमें लिथियम, ग्रेफाइट, कोबाल्ट, निकल, और रेयर अर्थ एलीमेंट्स (दुर्लभ पृथ्वी तत्व) जैसे खनिज शामिल हैं। इनका उपयोग आधुनिक उद्योगों जैसे इलेक्ट्रॉनिक्स, नवीकरणीय ऊर्जा प्रौद्योगिकियों (जैसे सौर पैनल, पवन टर्बाइन और इलेक्ट्रिक वाहन बैटरी), रक्षा उपकरण, और उच्च-तकनीकी विनिर्माण में होता है। इन खनिजों की नीलामी का मुख्य लक्ष्य देश में इनकी घरेलू आपूर्ति को मजबूत करना और विदेशी आयात पर निर्भरता को कम करना है, जिससे भारत 'आत्मनिर्भर भारत' के लक्ष्य की ओर तेजी से बढ़ सके। यह नीलामी उन कंपनियों और निवेशकों के लिए एक बड़ा अवसर प्रस्तुत करती है जो देश के खनिज संसाधनों के विकास में सक्रिय रूप से योगदान देना चाहते हैं।

कार्यशाला में राष्ट्रीय खनिज अन्वेषण एवं विकास न्यास (NMEDT) की भूमिका और उसके महत्व पर विस्तार से चर्चा की गई। NMEDT एक विशेष कोष है जिसे देश में नए खनिज भंडारों की खोज (अन्वेषण) और मौजूदा खनन गतिविधियों के विकास के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करने हेतु स्थापित किया गया है। इसका प्राथमिक उद्देश्य खनन क्षेत्र में अनुसंधान और विकास (R&D) को बढ़ावा देना है, ताकि नई और अधिक कुशल खनन तकनीकें विकसित की जा सकें, जो पर्यावरण के अनुकूल भी हों। यह न्यास खनन परियोजनाओं को उनके शुरुआती अन्वेषण चरण से लेकर उनके पूर्ण विकास और उत्पादन तक सहायता प्रदान करता है, जिससे भारतीय खनन उद्योग को संरचनात्मक मजबूती मिलती है।

पटना में इस तरह के आयोजन से बिहार के स्थानीय हितधारकों को केंद्र सरकार की नवीनतम खनन नीतियों, आगामी नीलामी प्रक्रियाओं और उपलब्ध वित्तीय सहायता के अवसरों के बारे में सीधे और विस्तृत जानकारी मिली। यह पहल न केवल बड़े पैमाने पर निवेशकों को बिहार और पड़ोसी राज्यों में खनिज अन्वेषण और खनन में निवेश करने के लिए आकर्षित करेगी, बल्कि स्थानीय स्तर पर भी व्यापक रोजगार के अवसर पैदा करेगी। छोटे ठेकेदार, उपकरण आपूर्तिकर्ता, लॉजिस्टिक्स सेवा प्रदाता और अन्य सहायक व्यवसाय खनन परियोजनाओं से जुड़कर अपनी आय बढ़ा सकते हैं और स्थानीय अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं। यह आयोजन बिहार के आर्थिक विकास में खनिज क्षेत्र की भूमिका को मजबूत करने और राज्य को खनिज संसाधनों के मानचित्र पर एक महत्वपूर्ण स्थान दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

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