भारत सरकार के स्मार्ट सिटी मिशन के तहत शुरू की गई भागलपुर स्मार्ट सिटी परियोजना 2026 में सक्रिय रूप से प्रगति कर रही है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना का उद्देश्य भागलपुर को एक तकनीकी रूप से उन्नत और टिकाऊ शहरी केंद्र में बदलना है। भागलपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड (BSCL), जो बिहार सरकार का एक विशेष प्रयोजन वाहन (Special Purpose Vehicle - SPV) है, इस परियोजना का प्रबंधन कर रहा है। एक SPV का अर्थ एक ऐसी कंपनी या इकाई से है जिसे किसी खास परियोजना को चलाने के लिए बनाया जाता है।
परियोजना के लिए कुल प्रस्तावित निवेश लगभग ₹1,309.3 करोड़ है। इसमें से ₹1,106.7 करोड़ क्षेत्र-आधारित विकास (Area-Based Development) के लिए आवंटित किए गए हैं, जिसमें स्मार्ट सड़कें, नदी तट विकास, जल आपूर्ति, सीवरेज सिस्टम और विरासत संरक्षण जैसे मुख्य बुनियादी ढांचे को उन्नत करना शामिल है। इसके अतिरिक्त, ₹202.6 करोड़ पैन सिटी सॉल्यूशंस (Pan City Solutions) के लिए निर्धारित किए गए हैं, जिसमें एकीकृत कमांड और नियंत्रण केंद्र, बुद्धिमान यातायात प्रबंधन और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन प्रणालियों जैसे शहर-व्यापी स्मार्ट समाधानों को लागू करना शामिल है। इस परियोजना को भारत सरकार से लगभग ₹500 करोड़ और बिहार सरकार से ₹465 करोड़ का वित्तपोषण प्राप्त हो रहा है।
अगस्त 2026 तक, भागलपुर स्मार्ट सिटी ने शहरी गतिशीलता, नागरिक सेवाओं और पर्यटन विकास में महत्वपूर्ण प्रगति दिखाई है, खासकर नदी तट क्षेत्रों के सौंदर्यीकरण के माध्यम से। अक्टूबर 2026 में कई टेंडर (निविदाएं) सक्रिय हैं या हाल ही में बंद हुए हैं। उदाहरण के लिए, भागलपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड के तहत भैरवा तालाब के जीर्णोद्धार के शेष कार्य के लिए एक टेंडर जारी किया गया है, जिसमें पांच साल की दोष देयता अवधि और संचालन व रखरखाव शामिल है। इस कार्य का मूल्य ₹9.62 करोड़ है और इसकी अंतिम तिथि 14 अक्टूबर, 2026 है। सैंडी कंपाउंड, भागलपुर में एक नए स्विमिंग पूल के निर्माण के लिए एक और टेंडर भी सक्रिय है, जिसकी अनुमानित लागत ₹59.60 लाख (₹5,960,761) है और बोली जमा करने की अंतिम तिथि 28 अक्टूबर, 2026 है।
यह व्यापक विकास बिहार के व्यवसायों, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSMEs), व्यापारियों, श्रमिकों और उद्यमियों के लिए महत्वपूर्ण है। सिविल कार्य, बुनियादी ढांचे और प्रौद्योगिकी एकीकरण के लिए जारी किए गए कई टेंडर स्थानीय ठेकेदारों, आपूर्तिकर्ताओं और सलाहकारों के लिए पर्याप्त अवसर पैदा करते हैं। बेहतर सड़कें, उन्नत सार्वजनिक सेवाएं और डिजिटल कनेक्टिविटी सहित उन्नत शहरी बुनियादी ढांचा, व्यवसायों के संचालन और विस्तार के लिए अधिक अनुकूल वातावरण को बढ़ावा देता है। बाजार विकास और कौशल प्रशिक्षण पर ध्यान, साथ ही आईटी हब को बढ़ावा देना, रोजगार सृजन और तकनीकी प्रगति को जन्म दे सकता है, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहन मिलेगा और आगे निवेश आकर्षित होगा।
