कोसी नदी पर चार लेन पुल के लिए ट्रैफिक सर्वे का टेंडर जारी, विजय घाट के पास बनेगा पुल

ThisNews Desk
कोसी नदी पर चार लेन पुल के लिए ट्रैफिक सर्वे का टेंडर जारी, विजय घाट के पास बनेगा पुल
चित्र: 정규송 Nui MALAMA / Pexels

बिहार के भागलपुर जिले में विजय घाट के पास कोसी नदी पर प्रस्तावित चार लेन पुल परियोजना को गति मिल रही है। पुल निर्माण विभाग ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए एक व्यापक ट्रैफिक सर्वे (यातायात सर्वेक्षण) हेतु हाल ही में टेंडर जारी किया है। यह टेंडर 28 अगस्त, 2026 को जारी किया गया था, और निविदाएं (quotations) 3 सितंबर, 2026 को खोली जाएंगी। यह कदम परियोजना के विस्तृत नियोजन (detailed planning) के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।

यह प्रस्तावित चार लेन पुल लगभग 1840 मीटर (1.84 किलोमीटर) लंबा होगा और कोसी नदी के मुख्य चैनल पर बनेगा। यह पुल न केवल यातायात को सुगम बनाएगा बल्कि क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा देगा। परियोजना में कई किलोमीटर लंबी चौड़ी पहुंच सड़कों (approach roads) का निर्माण और एक आधुनिक रेलवे ओवरब्रिज (ROB) भी शामिल है। रेलवे ओवरब्रिज एक ऐसा पुल होता है जो सड़क को रेलवे लाइन के ऊपर से ले जाता है, जिससे ट्रेन आने पर भी सड़क यातायात बिना रुके चलता रहता है। इससे समय की बचत होती है और व्यापारिक गतिविधियों में तेजी आती है। पुल को नदी के कटाव से बचाने के लिए दोनों किनारों पर मजबूत गाइड बंड (तटबंध) भी बनाए जाएंगे।

ट्रैफिक सर्वे परियोजना के लिए एक महत्वपूर्ण प्रारंभिक चरण है। यह सर्वे सात दिनों तक वाहनों की गिनती (vehicle count) और एक दिन के मूल-गंतव्य सर्वेक्षण (origin-destination survey) को शामिल करेगा। इसका उद्देश्य प्रस्तावित पुल और उसकी पहुंच सड़कों पर वर्तमान यातायात की मात्रा (traffic volume), वाहनों का भार (vehicle load) और घनत्व (density) का आकलन करना है। सरल शब्दों में, यह देखा जाएगा कि कितने वाहन किस दिशा में जा रहे हैं और उनका वजन कितना है, ताकि पुल की क्षमता और डिजाइन को सही ढंग से निर्धारित किया जा सके।

यह परियोजना बिहार के छोटे व्यवसायियों, ठेकेदारों और व्यापारियों के लिए नए अवसर लाएगी। पुल निर्माण से संबंधित कार्यों के लिए विभिन्न प्रकार की सामग्रियों की खरीद, श्रम की आवश्यकता और सहायक सेवाओं की मांग बढ़ेगी। एक बार पुल बनने के बाद, यह क्षेत्र में कनेक्टिविटी को बेहतर बनाएगा, जिससे माल ढुलाई आसान होगी और व्यापारियों के लिए नए बाजार खुलेंगे। यह बुनियादी ढांचा विकास बिहार की अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करने में सहायक होगा।

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