भागलपुर नगर निगम ₹200 करोड़ के स्वच्छता टेंडर की तैयारी में, शहर की सफाई व्यवस्था में होगा बड़ा सुधार

ThisNews Desk
भागलपुर नगर निगम ₹200 करोड़ के स्वच्छता टेंडर की तैयारी में, शहर की सफाई व्यवस्था में होगा बड़ा सुधार
चित्र: Greece-China News / Pexels

बिहार का भागलपुर शहर अपनी शहरी स्वच्छता और बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठा रहा है। भागलपुर नगर निगम ने शहर की स्वच्छता प्रणाली को पूरी तरह से बदलने के उद्देश्य से ₹200 करोड़ का एक बड़ा टेंडर जारी करने की तैयारी पूरी कर ली है। यह पहल शहर को स्वच्छ और स्वस्थ बनाने के लिए एक बड़ी परियोजना का हिस्सा है।

यह ₹200 करोड़ का टेंडर उन कंपनियों और ठेकेदारों के लिए एक बड़ा व्यावसायिक अवसर है जो स्वच्छता सेवाओं में विशेषज्ञता रखते हैं। 'टेंडर' का अर्थ है कि नगर निगम एक औपचारिक निमंत्रण जारी करेगा, जिसमें विभिन्न कंपनियां शहर की सफाई व्यवस्था को संभालने के लिए अपनी सेवाएं और लागत का प्रस्ताव देंगी। जो कंपनी सबसे प्रभावी और कुशल योजना प्रस्तुत करेगी, उसे यह चार साल का अनुबंध मिलेगा। इस अनुबंध के तहत, एक नई 'एजेंसी' (यानी, एक स्वच्छता प्रबंधन कंपनी) को चार साल की अवधि के लिए शहर की स्वच्छता संचालन का प्रबंधन करने के लिए नियुक्त किया जाएगा। यह न केवल बड़ी कंपनियों के लिए, बल्कि उपकरण आपूर्तिकर्ताओं और उप-ठेकेदारों के लिए भी अवसर पैदा करेगा।

इस महत्वपूर्ण परियोजना को 26 मार्च, 2026 को स्मार्ट सिटी प्राइवेट लिमिटेड सभागार में आयोजित एक बैठक में अंतिम रूप दिया गया। इस बैठक में शहर के अधिकारियों ने स्वच्छता प्रणाली के आधुनिकीकरण की विस्तृत योजना पर चर्चा की और इसे मंजूरी दी, जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि भागलपुर के नागरिकों को उच्च गुणवत्ता वाली स्वच्छता सेवाएं मिलें।

प्रस्तावित नए मॉडल के तहत, भागलपुर शहर को सफाई कार्यों के बेहतर प्रबंधन के लिए दो परिचालन 'समूहों' (क्लस्टर) में विभाजित किया जाएगा। पहला समूह वार्ड 1 से 26 तक के क्षेत्रों को कवर करेगा, जबकि दूसरा समूह वार्ड 27 से 51 तक के क्षेत्रों की जिम्मेदारी संभालेगा। 'क्लस्टर' का मतलब है कि शहर को छोटे-छोटे भौगोलिक खंडों में बांटा गया है ताकि सफाई का काम अधिक व्यवस्थित और कुशल तरीके से हो सके।

सफाई अभियान को तीन पालियों में संचालित करने की योजना है: सुबह और दोपहर। यह सुनिश्चित करेगा कि शहर भर में दिन भर सफाई बनी रहे और कचरा जमा न हो, जिससे सार्वजनिक स्वास्थ्य और सौंदर्य में सुधार होगा।

यह परियोजना न केवल भागलपुर के निवासियों के लिए बेहतर स्वच्छता और जीवन की गुणवत्ता लाएगी, बल्कि यह स्थानीय अर्थव्यवस्था के लिए भी एक महत्वपूर्ण प्रोत्साहन है। ₹200 करोड़ का यह निवेश स्वच्छता क्षेत्र में काम करने वाले व्यवसायों के लिए नए अवसर पैदा करेगा, रोजगार के अवसर बढ़ाएगा और शहर के समग्र विकास में योगदान देगा। यह छोटे व्यवसायों और ठेकेदारों को भी बड़ी एजेंसी के साथ उप-अनुबंध के माध्यम से जुड़ने का मौका दे सकता है।

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