पटना में एनएसटीआई (महिला) का स्थायी परिसर और स्किल इंडिया इंटरनेशनल सेंटर स्थापित

S Sakar(अपडेट: 12 अगस्त 2026 को 1:56 pm बजे)
पटना में एनएसटीआई (महिला) का स्थायी परिसर और स्किल इंडिया इंटरनेशनल सेंटर स्थापित
चित्र: Zayed Hossain / Pexels

बिहार में कौशल विकास और रोजगार के अवसरों को बढ़ावा देने के लिए दो महत्वपूर्ण संस्थान स्थापित किए गए हैं। पटना के बिहटा में महिलाओं के लिए राष्ट्रीय कौशल प्रशिक्षण संस्थान (NSTI-W) का स्थायी परिसर और पटना में एक स्किल इंडिया इंटरनेशनल सेंटर (SIIC) की स्थापना की गई है। यह घोषणा 23 जुलाई, 2026 को बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और केंद्रीय कौशल विकास एवं उद्यमिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जयंत चौधरी ने की।

बिहटा में नए NSTI-W परिसर की आधारशिला प्रशिक्षण महानिदेशालय (DGT) के महानिदेशक दिलीप कुमार ने रखी। इस स्थायी परिसर के विकास पर लगभग ₹99.97 करोड़ का निवेश किया जा रहा है। इस सुविधा में एक प्रशासनिक ब्लॉक, शैक्षणिक बुनियादी ढाँचा और महिला प्रशिक्षुओं के लिए छात्रावास की सुविधा शामिल होगी। एक बार पूरी तरह से चालू होने के बाद, यह संस्थान प्रति वर्ष लगभग 435 छात्राओं को 13 विभिन्न ट्रेडों में प्रशिक्षित करेगा। इन ट्रेडों में पारंपरिक और उभरते दोनों क्षेत्र शामिल होंगे, जैसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और प्रोग्रामिंग असिस्टेंस, ड्रोन टेक्नोलॉजी, सोलर टेक्नोलॉजी, रेडियोलॉजी टेक्नोलॉजी, इलेक्ट्रॉनिक्स और फैशन डिजाइन। यह महिलाओं को उद्योग-संरेखित कौशल प्रदान कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने में मदद करेगा।

इसके साथ ही, पटना में स्थापित स्किल इंडिया इंटरनेशनल सेंटर (SIIC) को लगभग ₹7 करोड़ की केंद्रीय सहायता से विकसित किया जाएगा। इसका मुख्य उद्देश्य बिहार के युवाओं को विदेशों में रोजगार के लिए तैयार करना है। यह केंद्र विदेशी भाषा प्रशिक्षण (जिसमें अंग्रेजी, जर्मन, जापानी और फ्रेंच शामिल हैं), करियर मार्गदर्शन, अंतर्राष्ट्रीय प्रमाणन सहायता, विदेश जाने से पहले की जानकारी (प्री-डिपार्चर ओरिएंटेशन) और सुरक्षित प्रवासन के लिए सहायता प्रदान करेगा। यह केंद्र उन क्षेत्रों में कौशल विकास पर भी ध्यान केंद्रित करेगा जिनकी अंतर्राष्ट्रीय बाजार में उच्च मांग है, जैसे इलेक्ट्रिकल सेवाएँ, प्लंबिंग, निर्माण और कृषि। कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय (MSDE) तथा बिहार सरकार के बीच इस केंद्र की स्थापना के लिए एक समझौता ज्ञापन (MoU) का आदान-प्रदान किया गया।

ये पहलें बिहार के व्यवसायों, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSMEs), व्यापारियों, श्रमिकों और उद्यमियों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। ये राज्य के कौशल विकास पारिस्थितिकी तंत्र (कौशल प्रशिक्षण और विकास कार्यक्रमों का नेटवर्क) को मजबूत करेंगी। महिलाओं के लिए उद्योग-अनुरूप व्यावसायिक प्रशिक्षण तक पहुँच में सुधार और युवाओं को विश्व स्तर पर मान्यता प्राप्त कौशल से लैस करके, इन परियोजनाओं से बिहार के छोटे व्यवसायों और उद्योगों के लिए कुशल कार्यबल की उपलब्धता बढ़ने की उम्मीद है। इसके अतिरिक्त, SIIC बिहार के युवाओं के लिए अंतर्राष्ट्रीय रोजगार के अवसरों तक पहुँचने के लिए संरचित रास्ते बनाएगा, जिससे आर्थिक आत्मनिर्भरता और राज्य को प्रेषण (विदेशों से भेजा गया पैसा) में वृद्धि होगी। उभरती प्रौद्योगिकियों और अंतर्राष्ट्रीय मानकों पर ध्यान केंद्रित करने से यह सुनिश्चित होगा कि बिहार का कार्यबल घरेलू और वैश्विक दोनों बाजारों में प्रतिस्पर्धी बना रहे।

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