पटना में मेगा जॉब फेयर: 20,226 युवाओं को मिली नौकरी, निजी क्षेत्र में रोजगार के अवसर बढ़े

ThisNews Desk
पटना में मेगा जॉब फेयर: 20,226 युवाओं को मिली नौकरी, निजी क्षेत्र में रोजगार के अवसर बढ़े
चित्र: Henri Mathieu-Saint-Laurent / Pexels

बिहार की राजधानी पटना में 19 अगस्त से 23 अगस्त, 2026 तक आयोजित मेगा जॉब फेयर-2026 ने हजारों युवाओं के लिए रोजगार के द्वार खोले। युवा, रोजगार एवं कौशल विकास विभाग और बिहार कौशल विकास मिशन द्वारा आयोजित इस मेले का मुख्य उद्देश्य नौकरी चाहने वाले युवाओं को निजी क्षेत्र की कंपनियों से जोड़ना था। निजी क्षेत्र से तात्पर्य उन व्यवसायों और उद्यमों से है जो सरकार के बजाय व्यक्तियों या निजी कंपनियों के स्वामित्व और संचालन में होते हैं, और जो लाभ कमाने के उद्देश्य से काम करते हैं। यह मेला युवाओं को सीधे नियोक्ताओं से मिलने और अपनी योग्यता के अनुसार नौकरी पाने का एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान करता है।

यह रोजगार मेला पटना में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ, जिसमें कुल 20,226 युवाओं को विभिन्न कंपनियों में नौकरी के अवसर प्राप्त हुए। यह संख्या पहले चार दिनों में रिपोर्ट की गई 13,394 नौकरियों के आंकड़े से काफी अधिक है, जो मेले की बढ़ती सफलता और प्रभाव को दर्शाता है।

मेले के समापन समारोह में, जो 23 अगस्त को आयोजित किया गया था, बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने चयनित उम्मीदवारों को नियुक्ति पत्र वितरित किए। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी और विजेंद्र प्रसाद यादव भी उपस्थित थे, जिन्होंने युवाओं को उनके नए करियर के लिए शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम की अध्यक्षता युवा, रोजगार एवं कौशल विकास मंत्री अरुण शंकर प्रसाद ने की।

इस मेगा जॉब फेयर में बैंकिंग (बैंकों और वित्तीय संस्थानों से संबंधित सेवाएं), वित्तीय सेवाएं (पैसे के प्रबंधन, निवेश और ऋण से जुड़ी सेवाएं), बीमा (जोखिम से वित्तीय सुरक्षा प्रदान करना), खुदरा (सीधे ग्राहकों को सामान और सेवाएं बेचना), लॉजिस्टिक्स (सामानों का परिवहन, भंडारण और वितरण), ई-कॉमर्स (इंटरनेट के माध्यम से वस्तुओं और सेवाओं का व्यापार) और आईटी (सूचना प्रौद्योगिकी, जिसमें सॉफ्टवेयर, हार्डवेयर और नेटवर्क सेवाएं शामिल हैं) जैसे विभिन्न क्षेत्रों की 115 से अधिक कंपनियों ने भाग लिया। इन क्षेत्रों का मतलब है अर्थव्यवस्था के अलग-अलग हिस्से जहाँ व्यवसाय संचालित होते हैं और जहाँ रोजगार के अवसर उपलब्ध होते हैं।

चयनित युवाओं में से 3,940 को बिहार के भीतर ही रोजगार मिला, जिससे राज्य के भीतर आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। वहीं, 476 युवाओं को विदेशों में नौकरी के अवसर प्राप्त हुए, जो उनके लिए वैश्विक करियर के द्वार खोलेंगे। इसके अतिरिक्त, 36 दिव्यांग व्यक्तियों को भी इस मेले के माध्यम से रोजगार मिला, जो समावेशी विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। कंपनियों द्वारा दिए गए वेतन ₹15,000 प्रति माह या उससे अधिक थे, जो युवाओं के लिए एक सम्मानजनक शुरुआत प्रदान करते हैं और उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने में मदद करते हैं। इस पहल से बिहार के युवाओं को न केवल रोजगार मिला है, बल्कि राज्य की अर्थव्यवस्था में भी महत्वपूर्ण योगदान करने का अवसर प्राप्त हुआ है।

स्किल-करियर में और पढ़ें