IIM बोधगया ने 11वां स्थापना दिवस मनाया, एग्जीक्यूटिव पीएचडी और छठे IPM बैच का शुभारंभ किया

ThisNews Desk
IIM बोधगया ने 11वां स्थापना दिवस मनाया, एग्जीक्यूटिव पीएचडी और छठे IPM बैच का शुभारंभ किया
चित्र: RAJESH KUMAR VERMA / Pexels

भारतीय प्रबंधन संस्थान (IIM) बोधगया ने 31 अगस्त, 2026 को अपना 11वां स्थापना दिवस बड़े उत्साह के साथ मनाया। इस महत्वपूर्ण अवसर पर, संस्थान ने अपने पहले एग्जीक्यूटिव पीएचडी (Executive PhD) कार्यक्रम बैच का आधिकारिक तौर पर शुभारंभ किया और अपने इंटीग्रेटेड प्रोग्राम इन मैनेजमेंट (Integrated Programme in Management - IPM) के छठे बैच का स्वागत किया। ये दोनों कार्यक्रम बिहार में व्यापार और प्रबंधन शिक्षा को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

एग्जीक्यूटिव पीएचडी कार्यक्रम उन अनुभवी पेशेवरों के लिए डिज़ाइन किया गया है जो अपने करियर में आगे बढ़ते हुए उच्च स्तरीय शोध और अकादमिक विशेषज्ञता हासिल करना चाहते हैं। यह कार्यक्रम उन्हें गहन ज्ञान और विश्लेषणात्मक कौशल प्रदान करेगा, जिससे वे व्यापार जगत की जटिल चुनौतियों का समाधान कर सकें। इस पहले बैच में कुल 14 छात्र शामिल हुए हैं, जिनमें 12 पुरुष और 2 महिलाएं हैं। यह कार्यक्रम उन व्यापार मालिकों, प्रबंधकों और उद्यमियों के लिए विशेष रूप से उपयोगी है जो अपने व्यावसायिक कौशल को नई ऊंचाइयों पर ले जाना चाहते हैं और उद्योग में नेतृत्वकारी भूमिकाएं निभाना चाहते हैं।

वहीं, इंटीग्रेटेड प्रोग्राम इन मैनेजमेंट (IPM) एक अनूठा पांच वर्षीय कार्यक्रम है जो छात्रों को 12वीं कक्षा के बाद ही प्रबंधन के क्षेत्र में प्रवेश करने का अवसर देता है। यह कार्यक्रम उन्हें स्नातक और स्नातकोत्तर स्तर पर प्रबंधन की गहरी समझ प्रदान करता है, जिससे वे भविष्य के व्यापारिक नेता बन सकें। इस छठे IPM बैच में कुल 207 छात्र शामिल हुए हैं। इनमें 70 महिलाएं और 137 पुरुष छात्र हैं। यह विविधता संस्थान के समावेशी दृष्टिकोण को दर्शाती है और विभिन्न पृष्ठभूमि से आने वाले छात्रों को एक साथ सीखने का मंच प्रदान करती है।

IIM बोधगया द्वारा इन कार्यक्रमों का शुभारंभ बिहार के व्यापारिक परिदृश्य के लिए एक सकारात्मक संकेत है। यह राज्य में गुणवत्तापूर्ण प्रबंधन शिक्षा की उपलब्धता को बढ़ाता है और स्थानीय उद्यमियों, छोटे व्यवसाय मालिकों और ठेकेदारों को वैश्विक मानकों के अनुरूप कौशल विकसित करने का अवसर प्रदान करता है। इन कार्यक्रमों से प्रशिक्षित पेशेवर बिहार की अर्थव्यवस्था में नवाचार और विकास को गति देने में महत्वपूर्ण योगदान देंगे। यह पहल राज्य के युवाओं को प्रबंधन के क्षेत्र में उत्कृष्ट करियर बनाने के लिए प्रेरित करेगी और उन्हें आत्मनिर्भर बनने के लिए आवश्यक ज्ञान और उपकरण प्रदान करेगी।

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