हाजीपुर स्थित इंस्टीट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट (IHM) में बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस (BSAP) की विभिन्न बटालियनों और प्रशिक्षण केंद्रों में कार्यरत रसोइयों के लिए आयोजित पांच दिवसीय कौशल विकास और उन्मुखीकरण कार्यक्रम 10 जुलाई, 2026 को सफलतापूर्वक संपन्न हो गया। यह कार्यक्रम रसोइयों के तीसरे बैच के लिए था, जिसका मुख्य उद्देश्य उनकी पाक कला विशेषज्ञता को बढ़ाना और खाद्य सेवा की गुणवत्ता में सुधार करना था।
IHM हाजीपुर, जो भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय के तहत एक स्वायत्त निकाय है, बिहार में आतिथ्य और खाद्य सेवा क्षेत्र में कौशल विकास को बढ़ावा देने में एक महत्वपूर्ण संस्थान रहा है। यह संस्थान नियमित रूप से ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन करता है ताकि पेशेवरों को आधुनिक तकनीकों और सर्वोत्तम प्रथाओं से अवगत कराया जा सके।
इस पांच दिवसीय गहन प्रशिक्षण में प्रतिभागियों को आधुनिक पाक कला की बारीकियों से अवगत कराया गया। इसमें खाद्य सुरक्षा, स्वच्छता, पोषण, सुरक्षित खाद्य प्रबंधन, व्यक्तिगत स्वच्छता, रसोई प्रबंधन और समकालीन खाना पकाने की व्यावहारिक तकनीकों पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया। प्रशिक्षण का पाठ्यक्रम इस तरह से तैयार किया गया था कि रसोइये न केवल स्वादिष्ट भोजन बनाना सीखें, बल्कि उसे सुरक्षित और पौष्टिक तरीके से परोसने में भी सक्षम हों।
इस पहल का प्राथमिक लक्ष्य BSAP इकाइयों के भीतर खाद्य गुणवत्ता, स्वच्छता और पोषण के मानकों को मजबूत करना है। बेहतर प्रशिक्षित रसोइये यह सुनिश्चित कर सकते हैं कि परोसा जाने वाला भोजन उच्च गुणवत्ता का हो, जिससे कर्मियों का स्वास्थ्य और मनोबल दोनों बेहतर हो सकें।
छोटे व्यवसायियों, ठेकेदारों, व्यापारियों और उद्यमियों के लिए यह समझना महत्वपूर्ण है कि कौशल विकास कार्यक्रम कर्मचारियों की दक्षता और उत्पादकता में सीधे सुधार करते हैं। खाद्य सेवा उद्योग में, जैसे कि रेस्तरां, कैटरिंग व्यवसाय या किसी भी संस्थान में जहाँ भोजन परोसा जाता है, प्रशिक्षित रसोइये व्यवसाय की प्रतिष्ठा को बढ़ाते हैं। वे खाद्य अपशिष्ट को कम करने, लागत प्रभावी तरीके से सामग्री का उपयोग करने और ग्राहकों या उपभोक्ताओं के लिए एक सुरक्षित और संतोषजनक अनुभव सुनिश्चित करने में मदद करते हैं। बेहतर पाक कला कौशल (culinary expertise) से न केवल भोजन का स्वाद बढ़ता है, बल्कि खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता सुनिश्चित होने से स्वास्थ्य जोखिम भी कम होते हैं, जो किसी भी खाद्य सेवा व्यवसाय की सफलता के लिए महत्वपूर्ण है।
इस तरह के प्रशिक्षण से रसोइयों को नई तकनीकें सीखने और अपनी क्षमताओं को निखारने का अवसर मिलता है, जिससे उनके करियर में भी प्रगति होती है। यह पहल बिहार में खाद्य सेवा क्षेत्र में समग्र गुणवत्ता मानकों को ऊपर उठाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है और राज्य में कुशल कार्यबल के विकास में योगदान करती है।
