बिहार में 1700 कौशल विकास केंद्र बंद, 10,000 से अधिक कर्मचारी बेरोजगार; ऑपरेटरों का पटना में प्रदर्शन

ThisNews Desk
बिहार में 1700 कौशल विकास केंद्र बंद, 10,000 से अधिक कर्मचारी बेरोजगार; ऑपरेटरों का पटना में प्रदर्शन
चित्र: Rohan Dewangan / Pexels

बिहार में कौशल विकास कार्यक्रमों से जुड़े उद्यमियों और कर्मचारियों के लिए एक बड़ी खबर है। 20 अगस्त, 2026 को "कुशल युवा कार्यक्रम" (KYP) के तहत संचालित लगभग 1700 कौशल विकास केंद्रों के ऑपरेटरों ने पटना में व्यापक विरोध प्रदर्शन किया। ये केंद्र, जो छोटे व्यवसायों की तरह काम करते हैं, युवाओं को विभिन्न रोजगारपरक कौशल जैसे कंप्यूटर साक्षरता, अंग्रेजी बोलना और अन्य व्यावसायिक प्रशिक्षण प्रदान करते हैं, ताकि वे नौकरी पा सकें या अपना उद्यम शुरू कर सकें। ऑपरेटरों ने नियोजन भवन और उसके बाद भाजपा कार्यालय पर प्रदर्शन करते हुए श्रम संसाधन मंत्री अरुण शंकर प्रसाद से मुलाकात और अपने केंद्रों को फिर से खोलने की मांग की।

इस विरोध प्रदर्शन का मुख्य कारण सरकार द्वारा इन 1700 केंद्रों को बंद करने का आदेश है। यह निर्णय इन केंद्रों का संचालन करने वाले छोटे और मध्यम उद्यमियों (ऑपरेटरों) के लिए एक बड़ा झटका है, क्योंकि उनकी व्यावसायिक गतिविधियाँ अचानक रुक गई हैं। इस सरकारी आदेश के परिणामस्वरूप 10,000 से अधिक कर्मचारियों और प्रशिक्षकों को अपनी नौकरी गंवानी पड़ी है। ये लोग इन केंद्रों में युवाओं को प्रशिक्षित कर रहे थे और अब वे बेरोजगार हो गए हैं, जिससे उनके परिवारों के सामने आजीविका का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। इन केंद्रों के बंद होने से न केवल इन ऑपरेटरों और कर्मचारियों का रोजगार छिन गया है, बल्कि हजारों युवाओं के लिए कौशल प्रशिक्षण के अवसर भी बाधित हुए हैं, जो उन्हें भविष्य में बेहतर रोजगार पाने में मदद कर सकते थे।

ऑपरेटरों का कहना है कि इन केंद्रों को बंद करने का निर्णय राज्य में कौशल विकास के प्रयासों को कमजोर करेगा और बिहार के युवाओं के भविष्य पर नकारात्मक प्रभाव डालेगा। उन्होंने सरकार से आग्रह किया है कि वे इस आदेश पर तत्काल पुनर्विचार करे और इन केंद्रों को दोबारा खोलने की अनुमति दे। उनका मानना है कि "कुशल युवा कार्यक्रम" जैसे पहल राज्य के आर्थिक विकास के लिए महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि वे कार्यबल को सशक्त बनाते हैं। प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों को लेकर श्रम संसाधन मंत्री अरुण शंकर प्रसाद से तत्काल बातचीत की अपील की है, ताकि इस समस्या का समाधान निकाला जा सके और हजारों लोगों की आजीविका सुरक्षित हो सके।

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