मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बिहार में शहरी बुनियादी ढांचे के लिए 'सेवा संकल्प' और 'कायाकल्प' अभियान शुरू किए

ThisNews Desk
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बिहार में शहरी बुनियादी ढांचे के लिए 'सेवा संकल्प' और 'कायाकल्प' अभियान शुरू किए — प्रतीकात्मक तस्वीर
चित्र: David Attricki / Pexels

बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने वर्ष 2026 में राज्य के शहरी बुनियादी ढांचे को मजबूत करने, ऐतिहासिक स्थलों के संरक्षण और सार्वजनिक सुविधाओं में सुधार के लिए कई महत्वपूर्ण पहलों की घोषणा की है। ये पहलें शहरी क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों के जीवन स्तर को ऊपर उठाने और वहां व्यापार करने वाले छोटे उद्यमियों, ठेकेदारों, व्यापारियों व सेवा प्रदाताओं के लिए बेहतर व्यावसायिक वातावरण बनाने के उद्देश्य से लाई गई हैं।

18 सितंबर, 2026 को मुख्यमंत्री चौधरी ने विशेष रूप से 'सेवा संकल्प' और 'कायाकल्प' नामक दो प्रमुख अभियान शुरू किए। इन अभियानों का मुख्य लक्ष्य मौजूदा सार्वजनिक संपत्तियों की स्थिति में सुधार लाना है। सार्वजनिक संपत्तियों में सड़कें, पुल, सार्वजनिक पार्क, सरकारी कार्यालय भवन, जल निकासी प्रणालियाँ और अन्य नागरिक सुविधाएं शामिल हैं। एक मजबूत और सुव्यवस्थित शहरी बुनियादी ढांचा (शहरी क्षेत्रों में सड़कें, पानी, बिजली, स्वच्छता जैसी मूलभूत सुविधाएं) किसी भी अर्थव्यवस्था की रीढ़ होता है। यह व्यापारियों के लिए माल और सेवाओं की आवाजाही को सुगम बनाता है, जिससे लॉजिस्टिक्स की लागत कम होती है। ठेकेदारों और निर्माण कंपनियों के लिए मरम्मत, रखरखाव और उन्नयन परियोजनाओं के माध्यम से नए व्यावसायिक अवसर पैदा होते हैं। छोटे व्यवसायों और खुदरा विक्रेताओं को बेहतर सड़कों और सार्वजनिक परिवहन के कारण अधिक ग्राहक मिलते हैं, जिससे उनकी बिक्री बढ़ती है।

'सेवा संकल्प' अभियान का मुख्य उद्देश्य नागरिकों को प्रदान की जाने वाली विभिन्न सरकारी सेवाओं की गुणवत्ता और दक्षता में सुधार करना है। इसका मतलब है कि सरकारी कार्यालयों में प्रक्रियाओं को सरल बनाना, सेवाओं को अधिक सुलभ बनाना और नागरिकों की शिकायतों का तेजी से निवारण करना। यह व्यापार करने में आसानी (Ease of Doing Business) को भी बढ़ावा देता है, जिससे उद्यमियों को सरकारी अनुमतियाँ और लाइसेंस प्राप्त करने में कम परेशानी होती है।

दूसरी ओर, 'कायाकल्प' अभियान का लक्ष्य शहरी क्षेत्रों के भौतिक स्वरूप को नया जीवन देना और उन्हें अधिक आकर्षक, स्वच्छ व कार्यात्मक बनाना है। इसमें न केवल नई परियोजनाओं का निर्माण शामिल है, बल्कि मौजूदा संरचनाओं का नियमित रखरखाव और उनका आधुनिकीकरण भी शामिल है। उदाहरण के लिए, खराब सड़कों की मरम्मत और उनका चौड़ीकरण, सार्वजनिक शौचालयों का आधुनिकीकरण, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन प्रणालियों में सुधार, और ऐतिहासिक महत्व के स्थलों का जीर्णोद्धार। ये जीर्णोद्धार कार्य पर्यटन को बढ़ावा देते हैं, जिससे स्थानीय होटल, रेस्तरां, हस्तशिल्प विक्रेता और गाइड जैसे व्यवसायों को सीधा लाभ मिलता है।

मुख्यमंत्री चौधरी ने इन अभियानों के माध्यम से शहरी विकास को गति देने और बिहार को एक आधुनिक व प्रगतिशील राज्य बनाने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। उन्होंने जोर दिया कि बेहतर शहरी सुविधाएं न केवल निवासियों के जीवन स्तर को ऊपर उठाती हैं, बल्कि व्यापार और निवेश के लिए एक अनुकूल माहौल भी बनाती हैं। इन अभियानों के लिए एक समय सीमा निर्धारित की गई है, हालांकि इसकी विस्तृत जानकारी अभी सार्वजनिक नहीं की गई है। इन पहलों से बिहार के शहरी क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने और छोटे व्यवसायों के लिए नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है, जिससे राज्य के समग्र विकास में महत्वपूर्ण योगदान मिलेगा।

इंफ्रास्ट्रक्चर में और पढ़ें

हमारी संपादकीय नीति · सुधार के लिए संपर्क करें