मुख्यमंत्री ने पटना मेट्रो परियोजना का किया निरीक्षण, 2028 तक पूरा करने का निर्देश

ThisNews Desk
मुख्यमंत्री ने पटना मेट्रो परियोजना का किया निरीक्षण, 2028 तक पूरा करने का निर्देश
चित्र: Dev Choubey / Pexels

11 अक्टूबर 2026 को बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने नेहरू पथ पर पटना मेट्रो रेल परियोजना के चल रहे निर्माण कार्यों का स्थल पर जाकर निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से इनकम टैक्स गोलंबर, हाईकोर्ट चौराहा और हनुमान मंदिर के पास प्रगति का आकलन किया। निरीक्षण के दौरान, उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि पूरी परियोजना को वर्ष 2028 तक हर हाल में पूरा किया जाए, साथ ही गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए।

निरीक्षण से एक महत्वपूर्ण घोषणा यह हुई कि नेहरू पथ पर दो फुट-ओवरब्रिज का निर्माण शीघ्रता से किया जाएगा। ये पुल जे.डी. महिला कॉलेज के पास और हाईकोर्ट क्रॉसिंग-बिहार संग्रहालय क्षेत्र में बनाने की योजना है, जिसका उद्देश्य पैदल यात्रियों की आवाजाही को सुगम बनाना और सार्वजनिक सुविधा को बढ़ाना है।

पटना मेट्रो रेल परियोजना को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने फरवरी 2019 में मंजूरी दी थी। इसे पटना मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (PMRCL) द्वारा लगभग 13,365 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से क्रियान्वित किया जा रहा है। परियोजना के वित्तपोषण में राज्य सरकार से 20%, केंद्र सरकार से 20% और शेष 60% बाहरी ऋणों से शामिल है, जिसमें जापान इंटरनेशनल कोऑपरेशन एजेंसी (JICA) की सहायता भी शामिल है। हाल ही में, अगस्त 2026 में, निर्माण में तेजी लाने के उद्देश्य से वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए केंद्र की पूंजी निवेश के लिए विशेष सहायता योजना के तहत परियोजना को 628.32 करोड़ रुपये का नया आवंटन प्राप्त हुआ है।

जून 2026 तक, 32.5 किलोमीटर लंबी पटना मेट्रो के चरण-I की भौतिक प्रगति 53% तक पहुंच गई है। 6.5 किलोमीटर का एक प्रायोरिटी कॉरिडोर, जो न्यू आईएसबीटी को मलाही पकड़ी से जोड़ता है, 2 जुलाई 2026 को चालू हो गया है। यह कॉरिडोर कंकड़बाग क्षेत्र तक मेट्रो सेवाएं प्रदान करता है और इसमें पांच स्टेशन शामिल हैं। दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) इस परियोजना के लिए तकनीकी सहायता प्रदान करता है।

यह मेट्रो परियोजना बिहार की अर्थव्यवस्था के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, विशेष रूप से पटना में छोटे व्यवसाय मालिकों (MSMEs), ठेकेदारों, व्यापारियों, श्रमिकों और उद्यमियों के लिए। यह वाणिज्यिक केंद्रों के बीच कनेक्टिविटी में सुधार करके आर्थिक विकास को महत्वपूर्ण बढ़ावा देने और निवेश आकर्षित करने की उम्मीद है। बेहतर शहरी गतिशीलता व्यवसायों को पटना में संचालन स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित करेगी, नए रोजगार के अवसर पैदा करेगी और समग्र आर्थिक विकास को बढ़ावा देगी। इसके अतिरिक्त, मेट्रो का लक्ष्य गंभीर यातायात भीड़ को कम करना, वायु गुणवत्ता में सुधार करना और अन्य परिवहन हब के साथ एकीकृत होना है, जिससे राजधानी के लिए एक अधिक कुशल और विश्वसनीय सार्वजनिक परिवहन प्रणाली प्रदान की जा सके।

निरीक्षण में सहकारिता मंत्री रामकृपाल यादव, विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री शीला कुमारी, पटना के जिलाधिकारी कुंदन कुमार और वरीय पुलिस अधीक्षक कार्तिकेय के. शर्मा सहित कई अधिकारी उपस्थित थे।

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