पटना जंक्शन को विश्वस्तरीय बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। रेलवे द्वारा अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत पटना जंक्शन के व्यापक पुनर्विकास के लिए लगभग 500 करोड़ रुपये का भारी निवेश स्वीकृत किया गया है। विशेष रूप से, इस परियोजना के लिए 493 करोड़ रुपये की राशि को मंजूरी दी गई है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना का मुख्य उद्देश्य स्टेशन का आधुनिकीकरण करना, यात्रियों की आवाजाही को सुगम बनाना और समग्र बुनियादी ढांचे को उन्नत करना है।
छोटे व्यवसायों, ठेकेदारों और व्यापारियों के लिए यह एक महत्वपूर्ण विकास है, क्योंकि बेहतर कनेक्टिविटी और आधुनिक सुविधाएं व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा देंगी। इस परियोजना के तहत दिसंबर 2026 तक काम शुरू होने की उम्मीद है और इसे 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
पुनर्विकास योजना में कई ठोस सुधार शामिल हैं। इनमें एक नई पार्सल बिल्डिंग का निर्माण शामिल है, जो माल ढुलाई और वितरण को अधिक कुशल बनाएगी। मौजूदा फुट ओवरब्रिज का चौड़ीकरण किया जाएगा, जिससे यात्रियों को प्लेटफॉर्म के बीच आवाजाही में आसानी होगी। इसके अतिरिक्त, अधिक एस्केलेटर और लिफ्ट लगाए जाएंगे, जिससे सभी यात्रियों, विशेषकर बुजुर्गों और दिव्यांगों के लिए पहुंच में सुधार होगा।
यातायात प्रबंधन को बेहतर बनाने के लिए एक आधुनिक पार्किंग परिसर की योजना बनाई गई है। यह पार्किंग परिसर मिल्क मार्केट क्षेत्र से मीठापुर रोड ओवर ब्रिज तक फैला होगा और इसमें 4,000 से अधिक वाहनों को समायोजित करने की क्षमता होगी। यह सुविधा न केवल यात्रियों के लिए बल्कि स्टेशन के आसपास के व्यवसायों के लिए भी फायदेमंद होगी, क्योंकि यह भीड़भाड़ को कम करेगी। स्टेशन की सुंदरता बढ़ाने के लिए एक समर्पित बागवानी क्षेत्र भी विकसित किया जाएगा।
इस विकास का एक प्रमुख घटक हार्डिंग पार्क पैसेंजर टर्मिनल है, जिसे हवाई अड्डे की तर्ज पर डिजाइन किया गया है। यह टर्मिनल यात्रियों को विश्वस्तरीय अनुभव प्रदान करेगा। यह परियोजना बिहार के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और राज्य की आर्थिक गतिविधियों को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। स्थानीय ठेकेदारों और आपूर्तिकर्ताओं के लिए भी इसमें व्यावसायिक अवसर पैदा होंगे।
