बिहार ग्रिड कंपनी को 57.94 करोड़ रुपये के पूंजी निवेश को BERC की मंजूरी, बिजली पारेषण प्रणाली होगी मजबूत

ThisNews Desk
बिहार ग्रिड कंपनी को 57.94 करोड़ रुपये के पूंजी निवेश को BERC की मंजूरी, बिजली पारेषण प्रणाली होगी मजबूत
चित्र: Christopher Borges / Pexels

बिहार विद्युत नियामक आयोग (BERC) ने बिहार ग्रिड कंपनी लिमिटेड (BGCL) की छह ट्रांसमिशन परियोजनाओं के लिए पूंजी निवेश योजना को मंजूरी दे दी है। 13 अक्टूबर, 2026 को जारी आदेश के अनुसार, BERC ने BGCL द्वारा दावा किए गए 59.36 करोड़ रुपये के कुल निवेश में से 57.94 करोड़ रुपये के पात्र पूंजीगत व्यय को स्वीकृति दी है। इस मंजूरी का उद्देश्य राज्य की बिजली पारेषण प्रणाली को मजबूत करना, निगरानी को बेहतर बनाना और परिचालन समन्वय को बढ़ाना है, जो बिहार के व्यवसायों और अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण है।

आयोग ने उपलब्धता-आधारित टैरिफ (ABT) के अनुरूप इंटरफेस ऊर्जा मीटर और संबंधित बुनियादी ढांचे की खरीद के लिए 22.27 करोड़ रुपये के दावे के मुकाबले 14.34 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं। ABT एक ऐसी प्रणाली है जो बिजली की खरीद और बिक्री को उसकी उपलब्धता और मांग के आधार पर विनियमित करती है, जिससे ग्रिड स्थिरता बनी रहती है। शेष 7.93 करोड़ रुपये, जो वार्षिक रखरखाव अनुबंध (AMC) के लिए थे, को पूंजीगत व्यय से बाहर रखा गया है। BERC ने निर्देश दिया है कि इसे भविष्य में परिचालन और रखरखाव या मरम्मत और रखरखाव व्यय के तहत दावा किया जाए।

अतिरिक्त सिविल कार्यों के लिए, BGCL के 27.29 करोड़ रुपये के दावे के मुकाबले 21.39 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। आयोग ने पाया कि विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) केवल स्वीकृत राशि के लिए उपलब्ध थी। DPR किसी भी परियोजना की विस्तृत योजना होती है, जिसमें लागत, डिज़ाइन और कार्यान्वयन की जानकारी होती है। शेष 5.90 करोड़ रुपये को इस स्तर पर मंजूरी नहीं मिली है, और BGCL को संबंधित DPR को अंतिम रूप देने और आवश्यक बोर्ड अनुमोदन प्राप्त करने के बाद एक अलग याचिका प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है।

इसके अतिरिक्त, चरण-IV, भाग-I परियोजनाओं के तहत मौजूदा सबस्टेशन ऑटोमेशन सिस्टम (SAS) को अपग्रेड करने के लिए 12.60 करोड़ रुपये और बिहार ग्रिड में एक केंद्रीकृत नियंत्रण केंद्र (CCC) स्थापित करने के लिए 6.68 करोड़ रुपये का निवेश भी अनुमोदित किया गया है। SAS बिजली सबस्टेशनों के स्वचालित संचालन और निगरानी में मदद करता है, जबकि CCC पूरे ग्रिड के केंद्रीय नियंत्रण और समन्वय के लिए महत्वपूर्ण है। 33kV बे के उन्नयन और निर्माण के लिए 2.63 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई, जिसमें से 0.57 करोड़ रुपये को परिचालन और रखरखाव घटक के रूप में पहचान कर बाहर कर दिया गया था।

यह निवेश बिहार की अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह राज्य की बिजली पारेषण प्रणाली को मजबूत करेगा। एक अधिक मजबूत और विश्वसनीय बिजली ग्रिड छोटे और मध्यम उद्यमों (MSMEs), व्यापारियों और उद्यमियों सहित व्यवसायों के लिए महत्वपूर्ण है। यह बिजली कटौती और कम वोल्टेज की समस्याओं को कम करता है, जिससे उनके संचालन के लिए अधिक सुसंगत बिजली आपूर्ति सुनिश्चित होती है। बिजली के बुनियादी ढांचे का यह आधुनिकीकरण बिहार में औद्योगिक और वाणिज्यिक विकास का समर्थन करने के लिए एक आधारशिला है।

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