बिहार के ऊर्जा मंत्री शैलेश कुमार, जिन्हें बुलबुल मंडल के नाम से भी जाना जाता है, ने राज्य के ऊर्जा क्षेत्र में बड़े बदलाव लाने और बिजली क्षेत्र के विकास के लिए निवेशकों को बिहार में साझेदारी करने का निमंत्रण दिया है। यह महत्वपूर्ण घोषणाएं 2026 में आयोजित कई प्रमुख सम्मेलनों के दौरान की गईं, जिनमें 1-2 सितंबर, 2026 को 'भारत इलेक्ट्रिसिटी 2026' और '7वीं सीआईआई अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा सम्मेलन एवं प्रदर्शनी' जैसे मंच शामिल हैं।
मंत्री ने इन आयोजनों में बिहार के बिजली क्षेत्र की विशाल क्षमता और विकास की संभावनाओं पर विशेष रूप से प्रकाश डाला। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार ऊर्जा के क्षेत्र में बड़े पैमाने पर निवेश आकर्षित करने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। इस निवेश का मुख्य उद्देश्य बिजली उत्पादन को बढ़ाना, वितरण नेटवर्क को मजबूत करना और नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों, जैसे सौर ऊर्जा, को बढ़ावा देना है।
छोटे व्यवसायों, ठेकेदारों, व्यापारियों और उद्यमियों के लिए यह एक महत्वपूर्ण खबर है। ऊर्जा क्षेत्र में यह 'परिवर्तन' और 'विकास' का अर्थ है कि बिहार में बिजली की उपलब्धता और गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार होगा। जब बिजली की आपूर्ति अधिक विश्वसनीय और सस्ती होती है, तो उद्योगों को चलाना आसान हो जाता है, जिससे उत्पादन लागत कम होती है और नए व्यवसाय स्थापित करने के अवसर बढ़ते हैं। उदाहरण के लिए, बेहतर बिजली आपूर्ति से कृषि-व्यवसायों को कोल्ड स्टोरेज चलाने या खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों को चलाने में मदद मिलेगी, जिससे उनकी दक्षता बढ़ेगी।
इसके अतिरिक्त, ऊर्जा क्षेत्र में होने वाले निवेश से निर्माण कार्य, बिजली उपकरणों की आपूर्ति, रखरखाव सेवाएं, तकनीकी परामर्श और नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं की स्थापना जैसे क्षेत्रों में ठेकेदारों और आपूर्तिकर्ताओं के लिए नए और स्थायी काम के अवसर पैदा होंगे। यह न केवल रोजगार के अवसर बढ़ाएगा बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी गति देगा।
मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि बिहार सरकार एक मजबूत, कुशल और टिकाऊ ऊर्जा प्रणाली बनाने के लिए सक्रिय रूप से काम कर रही है। उनका दृष्टिकोण केवल राज्य की बढ़ती ऊर्जा जरूरतों को पूरा करना नहीं है, बल्कि इसे आर्थिक विकास के एक शक्तिशाली इंजन के रूप में उपयोग करना भी है। उन्होंने निवेशकों को बिहार में एक अनुकूल कारोबारी माहौल और सरकार द्वारा प्रदान किए जा रहे पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया, जिससे निवेश सुरक्षित और लाभदायक बन सके।
इन सम्मेलनों में ऊर्जा मंत्री का संबोधन बिहार को ऊर्जा क्षेत्र में एक प्रमुख निवेश गंतव्य के रूप में स्थापित करने की राज्य की महत्वाकांक्षा को दर्शाता है। यह कदम राज्य के समग्र आर्थिक विकास को बढ़ावा देने और बिहार के नागरिकों के जीवन स्तर में सुधार लाने के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
