दानापुर, बिहार के निवासियों और व्यवसायों के लिए एक महत्वपूर्ण खबर है। केंद्र सरकार के अमृत 2.0 कार्यक्रम के तहत दानापुर जल आपूर्ति योजना को ₹93.56 करोड़ की मंजूरी मिल गई है। इस परियोजना का लक्ष्य दानापुर शहर और आसपास के आवासीय क्षेत्रों के 5,877 से अधिक घरों में स्वच्छ पाइपलाइन वाला पानी पहुंचाना है।
इस महत्वपूर्ण परियोजना के क्रियान्वयन की जिम्मेदारी बिहार शहरी आधारभूत संरचना विकास निगम लिमिटेड (BUIDCO) को सौंपी गई है। BUIDCO एक सरकारी संस्था है जो शहरी विकास परियोजनाओं पर काम करती है। इस योजना में मौजूदा पेयजल नेटवर्क को मजबूत करना और दानापुर नगर परिषद क्षेत्र तथा आस-पास के इलाकों में 63 किलोमीटर नई पाइपलाइन बिछाना शामिल है, जिसमें राइजिंग मेन और वितरण लाइनें शामिल होंगी। पर्याप्त जल भंडारण और एक समान दबाव सुनिश्चित करने के लिए 2,526 किलोलीटर की संयुक्त क्षमता वाले ओवरहेड जल भंडारण टैंकों का निर्माण किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, परियोजना में मौजूदा पंपिंग स्टेशनों और जल निकायों का नवीनीकरण भी शामिल है। फिल्टर किया हुआ और स्वच्छ पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए एक आधुनिक जल उपचार संयंत्र प्रणाली को एकीकृत किया जाएगा, जिसका लक्ष्य प्रति व्यक्ति प्रति दिन 135 लीटर पानी उपलब्ध कराना है। पानी की खपत की निगरानी और बर्बादी को रोकने के लिए वाटर मीटर और कंट्रोल वाल्व भी लगाए जाएंगे।
परियोजना को हरी झंडी मिल गई है और काम के लिए टेंडर (ठेका) भी जारी कर दिया गया है। टेंडर जमा करने की अंतिम तिथि 28 अगस्त, 2026 है। यह योजना काम शुरू होने के एक साल के भीतर पूरी होने वाली है। इसके पूरा होने के बाद, क्रियान्वयन एजेंसी पांच साल की अवधि के लिए जल आपूर्ति प्रणाली के संचालन और रखरखाव (Operation & Maintenance - O&M) के लिए जिम्मेदार होगी। O&M का अर्थ है कि एजेंसी को अगले पांच साल तक सिस्टम को सुचारू रूप से चलाने और उसकी देखभाल करनी होगी।
यह पहल बिहार की अर्थव्यवस्था के लिए, विशेष रूप से दानापुर क्षेत्र में छोटे व्यवसाय मालिकों (MSMEs), ठेकेदारों, व्यापारियों, श्रमिकों और उद्यमियों के लिए अत्यधिक महत्वपूर्ण है। निर्माण चरण से कुशल और अकुशल दोनों तरह के श्रमिकों के लिए प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होंगे। स्थानीय MSMEs (सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम - यानी छोटे और मझोले व्यवसाय), आपूर्तिकर्ताओं और व्यापारियों को पाइप, निर्माण सामग्री, जल उपचार उपकरण, मीटर और वाल्व जैसे विभिन्न सामग्रियों की मांग के साथ-साथ परिवहन और लॉजिस्टिक्स जैसी सेवाओं से लाभ होगा।
स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल तक बेहतर पहुंच से सार्वजनिक स्वास्थ्य में सुधार होने, जलजनित बीमारियों में कमी आने और परिणामस्वरूप एक स्वस्थ और अधिक उत्पादक कार्यबल तैयार होने की उम्मीद है। इससे श्रमिकों और उद्यमियों दोनों को स्वास्थ्य देखभाल लागत में कमी और अनुपस्थिति में कमी से लाभ होगा। यह परियोजना भूजल पर निर्भरता को कम करने और स्थायी जल प्रबंधन को बढ़ावा देने का भी लक्ष्य रखती है। इसके अलावा, पांच साल का संचालन और रखरखाव अनुबंध स्थानीय व्यवसायों के लिए निरंतर सेवा के अवसर पैदा करेगा। कुल मिलाकर, यह बेहतर बुनियादी ढांचा बिहार में आर्थिक विकास को बढ़ावा देने और आगे निवेश आकर्षित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
