बिहार सरकार की मुख्यमंत्री स्थानीय क्षेत्र विकास योजना (CMLADS) के तहत विधायकों और विधान पार्षदों को अपने निर्वाचन क्षेत्रों में विकास कार्यों के लिए प्रति वर्ष ₹4 करोड़ की निधि मिलती है। यह निधि सार्वजनिक आधारभूत संरचना जैसे सड़कें, पुलिया, स्कूल भवन, स्वास्थ्य केंद्र और सामुदायिक कल्याणकारी कार्यों के निर्माण के लिए उपयोग की जाती है। फरवरी 2026 में राज्य के बजट सत्र के दौरान, विभिन्न राजनीतिक दलों के विधायकों ने सर्वसम्मति से इस वार्षिक निधि को ₹4 करोड़ से बढ़ाकर ₹5 करोड़ करने की मांग की। इसके अतिरिक्त, जुलाई 2026 में विधानसभा में हुई चर्चाओं में इस निधि को ₹8 करोड़ तक बढ़ाने का भी आह्वान किया गया, जिसका मुख्य कारण निर्माण सामग्री की बढ़ती लागत बताया गया।
यह उल्लेखनीय है कि यह निधि जून 2023 में ही मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में ₹3 करोड़ से बढ़ाकर ₹4 करोड़ की गई थी, जो वित्तीय वर्ष 2023 से प्रभावी हुई। विधायकों, जैसे कि भाजपा के प्रमोद कुमार और नीरज सिंह 'बबलू', ने तर्क दिया कि मौजूदा ₹4 करोड़ की राशि मतदाताओं की बढ़ती अपेक्षाओं और परियोजनाओं की लागत में वृद्धि को देखते हुए अपर्याप्त है। उनका मानना है कि अधिक निधि से वे अपने क्षेत्र की अधिक जरूरतों को पूरा कर पाएंगे।
उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने विधायकों को आश्वासन दिया है कि उनकी इन मांगों से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को अवगत कराया जाएगा और इस विषय पर आगे की चर्चा के बाद ही कोई अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
इस विकास निधि में संभावित वृद्धि का बिहार की अर्थव्यवस्था पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ने की उम्मीद है। यह छोटे व्यवसायों, स्थानीय आपूर्तिकर्ताओं और ठेकेदारों के लिए एक बड़ा अवसर पैदा करेगा। जब सरकार विकास कार्यों के लिए अधिक धन आवंटित करती है, तो इन कार्यों को पूरा करने के लिए निर्माण सामग्री, श्रम और सेवाओं की आवश्यकता होती है। इससे स्थानीय ठेकेदारों को काम मिलता है, जो बदले में स्थानीय मजदूरों को रोजगार देते हैं और सामग्री आपूर्तिकर्ताओं से खरीदारी करते हैं। इस तरह, यह निधि सीधे तौर पर स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति देती है और पूरे राज्य में आधारभूत संरचना के विकास को तेज करती है। ग्रामीण कार्य विभाग बिहार के सभी 9 प्रमंडलों और 38 जिलों में इन परियोजनाओं को लागू करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। बिहार विधायक एवं विधान पार्षद निधि ट्रैकर के अनुसार, वर्तमान में ₹13,696.31 करोड़ के अनुमानित बजट के साथ 153,490 से अधिक विशिष्ट कार्य अनुक्रमित हैं, जो इस योजना के व्यापक दायरे को दर्शाता है। यह निधि सामुदायिक संपत्तियों के निर्माण के लिए है, न कि किसी निजी लाभ के लिए, और इसका उद्देश्य आम जनता की तत्काल आवश्यकताओं को पूरा करना है।
