बिहार कैबिनेट ने वारिसलीगंज, नवादा में नई चीनी मिल को मंजूरी दी, 500 करोड़ से अधिक का निवेश अपेक्षित

ThisNews Desk
बिहार कैबिनेट ने वारिसलीगंज, नवादा में नई चीनी मिल को मंजूरी दी, 500 करोड़ से अधिक का निवेश अपेक्षित
चित्र: Sanket Mishra / Pexels

बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई बिहार कैबिनेट की बैठक में 23 सितंबर, 2026 को नवादा जिले के वारिसलीगंज में एक नई चीनी मिल की स्थापना को आधिकारिक मंजूरी दे दी गई है। यह निर्णय बिहार के औद्योगिक परिदृश्य के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। इस परियोजना से क्षेत्र में 500 करोड़ रुपये से अधिक का विशाल निवेश आने की उम्मीद है। यह निवेश न केवल स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती देगा बल्कि रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेगा, जिससे छोटे व्यवसायियों, ठेकेदारों और उद्यमियों को सीधा लाभ मिलेगा।

इस नई चीनी मिल के लिए वारिसलीगंज के मखानपुर में लगभग 102 एकड़ और 7 डिसमिल भूमि की पहचान की गई है। इस चिन्हित भूमि का निरीक्षण बिहार गन्ना उद्योग विभाग और स्थानीय प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा 1 अप्रैल, 2026 को किया गया था। सरकार का लक्ष्य है कि यह नई चीनी मिल मार्च 2027 तक स्थापित हो जाए और परिचालन शुरू कर दे, जो राज्य के कृषि-आधारित उद्योग के विकास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा।

यह पहल हाल ही में 12 सितंबर, 2026 के आसपास लागू हुई "बिहार गन्ना उद्योग निवेश प्रोत्साहन नीति-2026" का एक अहम घटक है। इस नीति का मुख्य उद्देश्य राज्य में गन्ना उद्योग को पुनर्जीवित करना, चीनी उत्पादन बढ़ाना और नए निवेश को आकर्षित करना है। यह नीति उन निवेशकों के लिए विशेष प्रोत्साहन प्रदान करती है जो बिहार में आधुनिक चीनी मिलें स्थापित करने के इच्छुक हैं।

नीति के तहत, बिहार सरकार उन निवेशकों को 70 करोड़ रुपये का एक बड़ा अनुदान (ग्रांट) प्रदान करेगी जो न्यूनतम 3,500 टन प्रतिदिन (TCD) की पेराई क्षमता वाली नई चीनी मिलें स्थापित करने के इच्छुक हैं। "टन प्रतिदिन (TCD)" का अर्थ है कि मिल एक दिन में कितनी मात्रा में गन्ने की पेराई कर सकती है। यह अनुदान पांच साल की अवधि में दिया जाएगा, यानी प्रति वर्ष 14 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता मिलेगी। यह सरकारी सहायता निवेशकों के लिए एक बड़ा प्रोत्साहन है और इससे राज्य में चीनी उत्पादन को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ गन्ना किसानों की आय में भी वृद्धि होने की उम्मीद है।

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