बिहार में नवादा-पावापुरी रेल परियोजना को लेकर किसानों का विरोध सामने आया है। नालंदा और नवादा जिलों के किसान इस रेल परियोजना के लिए अपनी जमीन देने का पुरजोर विरोध कर रहे हैं। किसानों ने स्पष्ट किया है कि वे अपनी जमीन नहीं देंगे, यहां तक कि 'जहर खाने' की बात भी कही है। यह परियोजना क्षेत्र में बुनियादी ढांचे के विकास का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसका उद्देश्य कनेक्टिविटी बढ़ाना है। हालांकि, किसानों के इस विरोध के कारण भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया में बाधा आ सकती है, जिससे परियोजना के समय पर पूरा होने पर असर पड़ सकता है। ऐसी स्थिति स्थानीय व्यापार और कृषि-आधारित व्यवसायों के लिए अनिश्चितता पैदा कर सकती है, जो इस परियोजना से संभावित लाभ की उम्मीद कर रहे थे।
नवादा-पावापुरी रेल परियोजना का विरोध, नालंदा-नवादा के किसान जमीन देने को तैयार नहीं

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