मोतिहारी चीनी मिल को फिर से शुरू करने का काम जल्द होगा शुरू: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी

ThisNews Desk
मोतिहारी चीनी मिल को फिर से शुरू करने का काम जल्द होगा शुरू: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी
चित्र: Ralitsa Racheva / Pexels

बिहार के पूर्वी चंपारण जिले के मोतिहारी में बंद पड़ी चीनी मिल को फिर से शुरू करने का काम जल्द ही शुरू होगा। यह घोषणा बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 1 सितंबर, 2026 को मोतिहारी में बापूधाम महोत्सव के उद्घाटन के अवसर पर की। यह खबर स्थानीय किसानों, व्यापारियों और उद्यमियों के लिए एक बड़ी राहत लेकर आई है और क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को नई गति देने की उम्मीद है।

मोतिहारी चीनी मिल का बंद होना क्षेत्र के गन्ना किसानों के लिए एक बड़ी समस्या थी, जिससे उनकी आजीविका पर सीधा असर पड़ रहा था। चीनी मिलें वे औद्योगिक इकाइयाँ होती हैं जो गन्ने को संसाधित करके चीनी बनाती हैं। ये मिलें किसानों से गन्ना खरीदती हैं, जिससे किसानों को अपनी फसल बेचने के लिए एक सुनिश्चित बाजार मिलता है। जब कोई चीनी मिल बंद हो जाती है, तो गन्ना किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए काफी संघर्ष करना पड़ता है। उन्हें अपनी फसल दूर के बाजारों में ले जानी पड़ती है, जिससे परिवहन लागत बढ़ जाती है और उनका मुनाफा कम हो जाता है। कई बार तो उन्हें अपनी फसल का उचित मूल्य भी नहीं मिल पाता, जिससे आर्थिक नुकसान होता है। इस मिल के फिर से चालू होने से गन्ना किसानों को अपने उत्पाद के लिए एक स्थानीय और विश्वसनीय बाजार मिलेगा, जिससे उनकी आय में वृद्धि होने की उम्मीद है और वे अपनी खेती पर अधिक ध्यान केंद्रित कर पाएंगे।

मुख्यमंत्री की इस घोषणा से न केवल गन्ना किसानों को फायदा होगा, बल्कि यह पूरे पूर्वी चंपारण क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को व्यापक रूप से गति देगा। चीनी मिल के संचालन से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से कई रोजगार के अवसर पैदा होंगे। मिल में काम करने वाले श्रमिकों, गन्ना ढुलाई करने वाले ठेकेदारों, मशीनरी रखरखाव करने वाले तकनीशियनों और मिल से जुड़े अन्य सहायक व्यवसायों को फिर से काम मिलेगा। उदाहरण के लिए, परिवहन व्यवसाय से जुड़े छोटे ठेकेदारों और ड्राइवरों को गन्ने की ढुलाई का काम मिलेगा। स्थानीय छोटे व्यवसायियों और दुकानदारों को भी फायदा होगा क्योंकि क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियां बढ़ेंगी, जिससे उनकी बिक्री और आय में वृद्धि होगी। यह सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSME) के लिए भी नए अवसर पैदा करेगा, जो मिल को विभिन्न सेवाएं या उत्पाद प्रदान कर सकते हैं।

यह कदम बिहार सरकार की राज्य में बंद पड़े उद्योगों को पुनर्जीवित करने और कृषि-आधारित अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। पूर्वी चंपारण जैसे कृषि प्रधान जिले में चीनी मिल का पुनरुद्धार ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सहारा देने और स्थानीय उद्यमिता को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। यह क्षेत्र के समग्र विकास और समृद्धि के लिए एक सकारात्मक संकेत है, जिससे स्थानीय लोगों के जीवन स्तर में सुधार की उम्मीद है।

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