बिहार सरकार ने प्राथमिक चीनी मिल सहकारी समितियों के गठन को दी मंजूरी

ThisNews Desk
बिहार सरकार ने प्राथमिक चीनी मिल सहकारी समितियों के गठन को दी मंजूरी
चित्र: Tom Fisk / Pexels

बिहार सरकार ने 24 अगस्त, 2026 को एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए सहकारी चीनी मिलों के गन्ना आपूर्ति क्षेत्रों में प्राथमिक चीनी मिल सहकारी समितियों के गठन को मंजूरी दे दी है। यह पहल गन्ना किसानों को संगठित होने, गन्ना खरीद प्रक्रिया में सक्रिय रूप से भाग लेने और चीनी मिलों के साथ अपने संबंधों को मजबूत करने के लिए एक औपचारिक मंच प्रदान करने के उद्देश्य से की गई है। यह कदम राज्य के कृषि-व्यवसाय क्षेत्र में सहकारिता को बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

ये नई समितियाँ प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (पैक्स) के समान ही काम करेंगी। पैक्स ग्रामीण स्तर पर किसानों को खेती के लिए ऋण, खाद-बीज और अन्य आवश्यक सेवाएँ प्रदान करती हैं, जिससे किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त होने में मदद मिलती है। इसी तर्ज पर, प्राथमिक चीनी मिल सहकारी समितियाँ गन्ना उत्पादक किसानों को एक साझा मंच पर लाएंगी। इसका अर्थ है कि अब किसान अपनी उपज (गन्ना) बेचने और संबंधित मुद्दों पर व्यक्तिगत रूप से नहीं, बल्कि एक संगठित समूह के रूप में चीनी मिलों से बातचीत कर सकेंगे।

छोटे व्यवसायी, ठेकेदार, व्यापारी और विशेष रूप से गन्ना उत्पादक उद्यमी इस पहल से सीधे तौर पर लाभान्वित होंगे। इन समितियों के माध्यम से किसान गन्ना खरीद (केन प्रोक्योरमेंट) प्रक्रिया में अधिक प्रभावी ढंग से शामिल हो पाएंगे। इससे उन्हें अपने गन्ने का उचित और प्रतिस्पर्धी मूल्य प्राप्त करने, समय पर भुगतान सुनिश्चित करने और मिलों से बेहतर सेवाएँ प्राप्त करने में मदद मिलेगी। यह किसानों की सौदेबाजी की शक्ति को बढ़ाएगा और गन्ना आपूर्ति श्रृंखला में पारदर्शिता लाएगा, जिससे बिचौलियों की भूमिका कम होगी।

इन समितियों का गठन गन्ना किसानों को सशक्त करेगा, जिससे वे अपनी उपज के प्रबंधन और बिक्री में अधिक नियंत्रण रख सकेंगे। यह न केवल उनकी आर्थिक स्थिति को सुधारेगा, बल्कि चीनी मिलों के साथ एक स्थायी और भरोसेमंद संबंध बनाने में भी सहायक होगा। सहकारिता के इस मॉडल से राज्य के गन्ना उद्योग की दक्षता और उत्पादकता में वृद्धि होने की उम्मीद है, जो अंततः बिहार की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करेगा। यह पहल किसानों को उद्यमी बनने और अपने कृषि व्यवसाय को अधिक संगठित तरीके से चलाने का अवसर देगी।

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