बिहार: बाढ़ प्रभावित परिवारों को 94 करोड़ रुपये की अनुग्रह राशि का DBT वितरण शुरू

ThisNews Desk
बिहार: बाढ़ प्रभावित परिवारों को 94 करोड़ रुपये की अनुग्रह राशि का DBT वितरण शुरू
चित्र: Caleb Oquendo / Pexels

बिहार के बाढ़ प्रभावित परिवारों के लिए एक महत्वपूर्ण राहत भरी खबर सामने आई है। राज्य के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 15 सितंबर, 2026 को बाढ़ से प्रभावित परिवारों को अनुग्रह राशि (ex-gratia relief) का सीधा लाभ अंतरण (Direct Benefit Transfer - DBT) के माध्यम से वितरण शुरू कर दिया है। इस पहल से बाढ़ की विभीषिका झेल रहे हजारों परिवारों को तत्काल वित्तीय सहायता मिलनी शुरू हो गई है।

सीधा लाभ अंतरण (DBT) एक ऐसी प्रणाली है जिसके तहत सरकार द्वारा दी जाने वाली वित्तीय सहायता सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजी जाती है। इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि इससे बिचौलियों की भूमिका समाप्त हो जाती है और सहायता राशि पूरी पारदर्शिता के साथ सही व्यक्ति तक पहुँचती है। छोटे व्यवसायी, ठेकेदार, व्यापारी और उद्यमी जो अक्सर ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर निर्भर करते हैं, उनके लिए यह सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है कि लोगों के पास क्रय शक्ति बनी रहे। यह सीधी सहायता परिवारों को अपनी बुनियादी जरूरतों को पूरा करने और क्षतिग्रस्त हुए सामानों की मरम्मत या पुनः खरीद में मदद करेगी, जिससे स्थानीय बाजारों में भी कुछ हद तक गति आएगी।

इस वितरण के पहले चरण में, भोजपुर जिले में इसका व्यापक प्रभाव देखा गया है। भोजपुर जिले में कुल 1,34,247 परिवारों को लगभग 94 करोड़ रुपये की अनुग्रह राशि वितरित की गई है। सटीक आंकड़ा 93.97 करोड़ रुपये है, जो सीधे इन परिवारों के खातों में भेजे गए हैं। यह राशि उन परिवारों के लिए एक बड़ी मदद है जिन्होंने बाढ़ के कारण अपनी आजीविका, घर या संपत्ति का नुकसान झेला है।

बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाएं अक्सर किसानों, छोटे दुकानदारों और दैनिक मजदूरों की कमर तोड़ देती हैं। ऐसे में सरकार द्वारा दी गई यह वित्तीय सहायता उन्हें फिर से खड़े होने में मदद करती है। यह केवल एक आर्थिक मदद नहीं, बल्कि प्रभावित परिवारों के लिए एक नैतिक संबल भी है। मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि सरकार बाढ़ पीड़ितों के साथ खड़ी है और उनकी हर संभव सहायता के लिए प्रतिबद्ध है। इस DBT पहल से राज्य भर के अन्य बाढ़ प्रभावित जिलों में भी जल्द ही इसी तरह का वितरण शुरू होने की उम्मीद है, जिससे लाखों और परिवारों को राहत मिल सकेगी। यह कदम बिहार की अर्थव्यवस्था को प्राकृतिक आपदाओं के झटकों से उबरने में मदद करेगा और स्थानीय व्यापारिक गतिविधियों को भी सहारा देगा।

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