मुख्यमंत्री उद्यमी योजना: उद्योग न लगाने वाले 315 लाभार्थियों से वसूली शुरू, 254 को ऋण चुकाने के लिए नोटिस

ThisNews Desk
मुख्यमंत्री उद्यमी योजना: उद्योग न लगाने वाले 315 लाभार्थियों से वसूली शुरू, 254 को ऋण चुकाने के लिए नोटिस
चित्र: Miguel González / Pexels

बिहार सरकार ने मुख्यमंत्री उद्यमी योजना के तहत वित्तीय सहायता प्राप्त करने वाले 315 लाभार्थियों के खिलाफ वसूली की कार्रवाई शुरू कर दी है। इन लाभार्थियों को 10 लाख रुपये तक की राशि मिली थी, लेकिन उन्होंने अपने वादे के अनुसार उद्योग स्थापित नहीं किए। राज्य के उद्योग विभाग ने इन व्यक्तियों को कई नोटिस जारी किए थे, जिसमें उन्हें या तो अपना व्यवसाय शुरू करने या वितरित की गई राशि को वापस करने का आग्रह किया गया था। यदि वे निर्धारित समय-सीमा के भीतर राशि वापस नहीं करते हैं, तो वसूली के लिए प्रमाण पत्र मामले (certificate cases) दायर किए जाएंगे।

यह कार्रवाई उन छोटे व्यवसाय मालिकों, ठेकेदारों और उद्यमियों के लिए एक महत्वपूर्ण संदेश है जो सरकारी योजनाओं का लाभ उठाते हैं। मुख्यमंत्री उद्यमी योजना बिहार सरकार की एक प्रमुख पहल है, जिसका उद्देश्य स्वरोजगार को बढ़ावा देना और बेरोजगारी को कम करना है। इस योजना के तहत, पात्र व्यक्तियों को 10 लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता मिल सकती है। इसमें आमतौर पर 5 लाख रुपये का अनुदान (सब्सिडी) शामिल होता है, जिसे वापस नहीं करना पड़ता है, और 5 लाख रुपये का ब्याज-मुक्त ऋण होता है, जिसे 84 किस्तों में चुकाना होता है। अनुदान का अर्थ है कि सरकार आपको यह पैसा देती है ताकि आप अपना व्यवसाय शुरू कर सकें और इसे वापस करने की आवश्यकता नहीं होती। वहीं, ब्याज-मुक्त ऋण का मतलब है कि आपको केवल मूल राशि ही लौटानी होगी, उस पर कोई अतिरिक्त शुल्क (ब्याज) नहीं लगेगा।

उद्योग स्थापित न करने वाले 315 लाभार्थियों के अलावा, 254 अन्य लाभार्थियों को भी विभाग द्वारा नोटिस जारी किए गए हैं। इन लाभार्थियों ने अपने व्यवसाय तो स्थापित कर लिए थे, लेकिन वे अपने ऋण की किस्तें नियमित रूप से नहीं चुका रहे हैं। सरकार का स्पष्ट संदेश है कि योजना का लाभ उठाने वालों को अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करना होगा।

योजना के तहत हाल ही में कई गतिविधियां हुई हैं। वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए ऑनलाइन आवेदन 25 फरवरी, 2026 से 23 मार्च, 2026 तक खुले थे। लाभार्थियों के चयन के लिए कंप्यूटर-आधारित रैंडमाइजेशन (लॉटरी) 20 मई, 2026 को आयोजित किया गया था। इसके अतिरिक्त, उद्यमी अनुदान योजना (जो व्यापक मुख्यमंत्री उद्यमी योजना का एक घटक है) के चयनित लाभार्थियों के लिए पहली किस्त का वितरण 8 अक्टूबर, 2026 को पटना के बापू सभागार में निर्धारित है। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता मुख्यमंत्री करेंगे। यह दर्शाता है कि सरकार एक ओर जहां नियमों का पालन न करने वालों पर सख्त है, वहीं दूसरी ओर पात्र और गंभीर उद्यमियों को सहायता प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।

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