बिहार के औद्योगिक विकास को एक महत्वपूर्ण गति मिली है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 24 अक्टूबर, 2026 को गया जिले के डोभी प्रखंड में बिहार इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग सिटी गया लिमिटेड (BIMCGL) का औपचारिक उद्घाटन किया। इस अवसर पर इसके वेब पोर्टल का भी शुभारंभ किया गया, जिसके साथ ही इस महत्वाकांक्षी परियोजना में भूमि आवंटन की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। यह कदम राज्य में नए उद्योगों की स्थापना और निवेश को आकर्षित करने की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर है।
यह विशाल मैन्युफैक्चरिंग सिटी लगभग 1,670 एकड़ भूमि पर विकसित की जा रही है। इसका मुख्य उद्देश्य उद्योगों को स्थापित करने के लिए एक आधुनिक, एकीकृत और विश्व-स्तरीय बुनियादी ढाँचा (जैसे सड़कें, बिजली, पानी और अन्य सुविधाएं) प्रदान करना है। केंद्र सरकार ने इस महत्वपूर्ण परियोजना को 28 अगस्त, 2024 को अपनी मंजूरी दी थी। इसकी कुल अनुमानित लागत 1,339 करोड़ रुपये है, जिसमें भूमि अधिग्रहण का खर्च भी शामिल है। यह राशि इस बड़े औद्योगिक क्षेत्र के निर्माण और विकास में लगाई जाएगी, जिससे छोटे और बड़े दोनों तरह के व्यवसायों को लाभ मिलेगा।
BIMCGL का गठन 6 जनवरी, 2025 को बिहार औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकार (BIADA) और नेशनल इंडस्ट्रियल कॉरिडोर डेवलपमेंट एंड इम्प्लीमेंटेशन ट्रस्ट (NICDIT) के संयुक्त उद्यम (ज्वाइंट वेंचर) के रूप में किया गया था। एक संयुक्त उद्यम का अर्थ है कि दो या दो से अधिक संस्थाएँ (यहाँ BIADA और NICDIT) एक विशिष्ट व्यावसायिक उद्देश्य के लिए मिलकर काम करती हैं, अपने संसाधनों और विशेषज्ञता को साझा करती हैं। इस साझेदारी से परियोजना को आवश्यक वित्तीय और तकनीकी सहायता मिलेगी, जिससे इसका सफल क्रियान्वयन सुनिश्चित हो सकेगा। यह मॉडल अक्सर बड़ी परियोजनाओं के लिए अपनाया जाता है ताकि जोखिम और संसाधनों को साझा किया जा सके।
उद्घाटन समारोह के दौरान, विभिन्न कंपनियों और निवेशकों के साथ 12 समझौता ज्ञापनों (मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग - MoU) पर भी हस्ताक्षर किए गए। ये समझौते इस बात का संकेत हैं कि कई व्यवसाय इस नई औद्योगिक नगरी में अपनी इकाइयाँ स्थापित करने या निवेश करने में रुचि रखते हैं। यह बिहार में नए व्यवसायों, विशेषकर सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSMEs) के लिए नए अवसर पैदा करेगा, जिससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
