किशनगंज में 'स्टार्टअप बिहार आइडिया बूटकैंप' आयोजित, युवाओं को उद्यमिता के लिए प्रोत्साहन

ThisNews Desk
किशनगंज में 'स्टार्टअप बिहार आइडिया बूटकैंप' आयोजित, युवाओं को उद्यमिता के लिए प्रोत्साहन
चित्र: Vitaly Gariev / Pexels

बिहार सरकार के उद्योग विभाग के तत्वावधान में 29 सितंबर, 2026 को किशनगंज के सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेज में 'स्टार्टअप बिहार आइडिया बूटकैंप' का आयोजन किया गया। यह आयोजन बिहार के सभी 38 जिलों में उद्यमिता और नवाचार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से चलाए जा रहे राज्यव्यापी अभियान का एक हिस्सा था। बूटकैंप के दौरान, छात्रों ने विशेषज्ञों के सामने अपने व्यावसायिक विचार और मॉडल प्रस्तुत किए।

इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेज किशनगंज के प्राचार्य प्रोफेसर (डॉ.) भगवान श्री राम और जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक सचिन कुमार सहित कई प्रमुख व्यक्ति उपस्थित थे। इससे पहले, 1 सितंबर और 22 अगस्त, 2026 को किशनगंज के जिलाधिकारी नवीन कुमार ने भी जिले के स्टार्टअप सेल और विभिन्न उद्योग एवं स्वरोजगार योजनाओं की उच्च-स्तरीय समीक्षा की थी। उन्होंने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया था कि वित्तीय लाभ पात्र उद्यमियों और कारीगरों तक अवश्य पहुँचें।

बिहार स्टार्टअप नीति के तहत, चयनित स्टार्टअप को 10 साल की अवधि के लिए 25 लाख रुपये तक का ब्याज-मुक्त सीड फंड (प्रारंभिक पूंजी) प्राप्त करने की पात्रता है। यह राशि आमतौर पर दो चरणों में (15 लाख और 10 लाख रुपये) वितरित की जाती है। सामान्य बिहार स्टार्टअप नीति 10 साल के लिए 10 लाख रुपये का ब्याज-मुक्त सीड ग्रांट प्रदान करती है। महिला उद्यमियों के लिए 10.5 लाख रुपये और अनुसूचित जाति/जनजाति या दिव्यांग संस्थापकों के लिए 11.5 लाख रुपये की बढ़ी हुई सीड फंडिंग उपलब्ध है। इसके अतिरिक्त, जो स्टार्टअप प्रारंभिक राजस्व लक्ष्य प्राप्त कर लेते हैं, उन्हें 15 लाख रुपये का पोस्ट-सीड फंड भी मिलता है। यदि कोई स्टार्टअप SEBI-पंजीकृत एंजेल निवेशकों से फंडिंग प्राप्त करता है, तो उसे इक्विटी में हिस्सेदारी दिए बिना 50 लाख रुपये तक का 100% मैचिंग ऋण मिल सकता है।

यह पहल बिहार की अर्थव्यवस्था के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसका उद्देश्य युवाओं में नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देना है, ताकि वे नौकरी चाहने वाले के बजाय नौकरी देने वाले बन सकें। पर्याप्त वित्तीय सहायता, मार्गदर्शन और एक सहायक पारिस्थितिकी तंत्र प्रदान करके, यह नीति राज्य भर के व्यवसायों, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSMEs), व्यापारियों, श्रमिकों और उद्यमियों को मजबूत करने का प्रयास करती है। 30 मई, 2026 तक, इस योजना के तहत 1,600 से अधिक स्टार्टअप पंजीकृत किए जा चुके हैं और कुल 62.5 करोड़ रुपये का वितरण किया गया है। राज्य वर्तमान में 47 स्टार्टअप सेल और 22 इंक्यूबेशन केंद्रों (उद्यमिता सहायता केंद्रों) के माध्यम से इन उद्यमों का समर्थन कर रहा है।

उद्योग विभाग, बिहार सरकार द्वारा संचालित 'स्टार्टअप बिहार' पहल के लिए आवेदन 1 अक्टूबर, 2026 से स्टार्टअप बिहार पोर्टल (startup.bihar.gov.in) पर खुले हैं। यह बिहार की व्यापक आर्थिक रणनीति का एक प्रमुख घटक है, जिसका लक्ष्य नए युग के क्षेत्रों के माध्यम से एक स्थायी औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र का निर्माण करना और रोजगार सृजित करना है।

स्टार्टअप में और पढ़ें