बिहार सरकार की नई खरीद नीति: स्थानीय व्यवसायों और स्टार्टअप्स को मिलेगा बढ़ावा, बालू खनन और सड़क निर्माण के लिए टेंडर जारी

ThisNews Desk
बिहार सरकार की नई खरीद नीति: स्थानीय व्यवसायों और स्टार्टअप्स को मिलेगा बढ़ावा, बालू खनन और सड़क निर्माण के लिए टेंडर जारी
चित्र: Thirdman / Pexels

बिहार सरकार ने 2026 के लिए अपनी खरीद रणनीति में महत्वपूर्ण बदलाव किया है। अब सरकार वैश्विक टेंडरों (अंतर्राष्ट्रीय कंपनियों को बोली लगाने की अनुमति) से हटकर छोटे, स्थानीय टेंडरों पर ध्यान केंद्रित कर रही है। इसका मुख्य उद्देश्य बिहार के स्थानीय व्यवसायों और स्टार्टअप्स को लाभ पहुंचाना है। यह बदलाव "बिहार खरीद वरीयता नीति 2026" के तहत किया गया है, जिसे 5 मई, 2026 से तत्काल प्रभाव से लागू किया गया है।

इस नीति के तहत, वित्त विभाग ने सरकारी खरीद नियमों में बड़ी छूट की घोषणा की है। स्टार्टअप्स अब बिना किसी औपचारिक टेंडर प्रक्रिया के प्रति वर्ष 10 लाख रुपये तक के सीधे सरकारी कार्य आदेश (डायरेक्ट वर्क ऑर्डर) प्राप्त करने के पात्र हैं। किसी एक विभाग से यह सीमा प्रति वर्ष 50 लाख रुपये तक हो सकती है। इसके अतिरिक्त, 25 लाख रुपये तक के खरीद अनुबंध (कॉन्ट्रैक्ट) केवल बिहार-आधारित स्टार्टअप्स के लिए सीमित टेंडर प्रक्रिया (केवल कुछ चुनिंदा कंपनियों को बोली लगाने का अवसर) के माध्यम से आरक्षित किए गए हैं। बिहार में स्थानीय उद्यमों (लोकल एंटरप्राइजेज) को टेंडरों के लिए अनुभव और टर्नओवर (सालाना कारोबार) की आवश्यकताओं में 50 प्रतिशत की कमी का भी लाभ मिलेगा, और उन्हें आवेदन करते समय सुरक्षा राशि (सिक्योरिटी मनी) जमा करने से छूट दी गई है।

ग्रामीण कार्य विभाग (RWD), भवन निर्माण विभाग (BCD), जल संसाधन विभाग (WRD), लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (PHED) और खान एवं भूविज्ञान विभाग सहित कई प्रमुख सरकारी विभाग टेंडर जारी करने में शामिल हैं। ग्रामीण कार्य विभाग के मंत्री अशोक कुमार चौधरी ने जुलाई 2025 में पुष्टि की थी कि उनका विभाग ग्रामीण सड़क निर्माण परियोजनाओं के लिए स्थानीय बोलीदाताओं (लोकल बिडर्स) को प्राथमिकता देता है। इन अनुबंधों का मूल्य आमतौर पर 5 करोड़ रुपये से 55 करोड़ रुपये तक होता है, और इनके लिए कोई वैश्विक टेंडर आमंत्रित नहीं किए जाते हैं।

आगामी टेंडरों की बात करें तो, बिहार खान एवं भूविज्ञान विभाग ने 7 सितंबर, 2026 को घोषणा की कि बालू खनन 15 अक्टूबर, 2026 के बाद फिर से शुरू होने वाला है। इसके लिए 30 खनन ब्लॉकों के लिए टेंडर प्रक्रिया पहले ही शुरू कर दी गई है। विभाग ने वित्तीय वर्ष 2026-27 में अब तक 984 करोड़ रुपये का राजस्व एकत्र किया है। अन्य महत्वपूर्ण टेंडरों में बैरिया आरा खंड के माध्यम से 4-लेन बाईपास सड़क के निर्माण के लिए 1564.19 करोड़ रुपये की परियोजना शामिल है, जिसकी अंतिम तिथि 21 अक्टूबर, 2026 है।

बिहार में सभी सार्वजनिक खरीद eProc2.0 पोर्टल (eproc2.bihar.gov.in) के माध्यम से की जाती है, जो पारदर्शिता सुनिश्चित करता है और ऑनलाइन बोली लगाने की सुविधा प्रदान करता है। यह नीतिगत बदलाव बिहार के व्यवसायों, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSMEs), व्यापारियों, श्रमिकों और उद्यमियों के लिए महत्वपूर्ण है। इसका उद्देश्य सरकारी अनुबंधों तक आसान पहुंच प्रदान करके, प्रवेश बाधाओं को कम करके और उभरते व्यवसायों तथा स्थानीय फर्मों के लिए अधिक सहायक वातावरण को बढ़ावा देकर स्थानीय आर्थिक गतिविधि को बढ़ावा देना है।

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