जहानाबाद में रोजगार-सह-व्यावसायिक मार्गदर्शन मेला आयोजित, 24 कंपनियों ने 2700 से अधिक पदों पर अवसर दिए

ThisNews Desk
जहानाबाद में रोजगार-सह-व्यावसायिक मार्गदर्शन मेला आयोजित, 24 कंपनियों ने 2700 से अधिक पदों पर अवसर दिए — प्रतीकात्मक तस्वीर
चित्र: Andrea Piacquadio / Pexels

जहानाबाद, बिहार में 3 नवंबर, 2026 को जिला स्तरीय रोजगार-सह-व्यावसायिक मार्गदर्शन मेले का आयोजन किया गया। जिला निबंधन एवं परामर्श केंद्र (DRCC) में आयोजित इस मेले का उद्देश्य नौकरी चाहने वाले युवाओं को सीधे निजी कंपनियों से जोड़ना और रोजगार, कौशल प्रशिक्षण तथा विभिन्न विभागीय योजनाओं के बारे में जानकारी प्रदान करना था।

यह मेला बिहार सरकार के युवा, रोजगार एवं कौशल विकास विभाग और जिला नियोजन कार्यालय के तत्वावधान में आयोजित किया गया। जिला पदाधिकारी छिरिंग वाई भूटिया ने मेले का उद्घाटन किया। इस मेले में लगभग 24 निजी कंपनियों ने भाग लिया, जिन्होंने 2700 से अधिक पदों पर नौकरी के अवसर प्रदान किए। नियोजन एवं प्रशिक्षण निदेशालय के आधिकारिक पोर्टल (detjob.bihar.gov.in) ने भी 3 नवंबर, 2026 को जहानाबाद में इस रोजगार मेले की पुष्टि की थी।

यह आयोजन राज्य सरकार के युवाओं के लिए रोजगार और कौशल विकास को बढ़ावा देने के व्यापक प्रयासों का हिस्सा है। इससे पहले भी 2026 में जहानाबाद में रोजगार मेले आयोजित हुए हैं; 25 सितंबर को एक मेले में 50 पदों पर, ₹30,000 तक के वेतन वाली नौकरियां उपलब्ध थीं, जबकि फरवरी 2026 में आयोजित मेले में 324 से अधिक युवाओं को मौके पर ही रोजगार मिला, जिसमें ₹8,000 से ₹25,000 प्रति माह तक का वेतन बताया गया था।

राज्य भर में रोजगार के अवसरों को बढ़ावा देने के लिए, बिहार सरकार 2 से 6 नवंबर, 2026 के बीच नौ जिलों में रोजगार मेले आयोजित कर रही है। राज्य की "सात निश्चय–3 (2025–30)" पहल में "दोहरा रोजगार – दोगुनी आय" शामिल है, जिसका लक्ष्य युवाओं के लिए सुरक्षित और विश्वसनीय रोजगार के अवसर प्रदान करना, उद्यमिता को प्रोत्साहित करना और एक मजबूत अर्थव्यवस्था के निर्माण के लिए निजी प्रतिष्ठानों के साथ साझेदारी को बढ़ावा देना है। "दोहरा रोजगार – दोगुनी आय" का सीधा मतलब है कि सरकार चाहती है कि अधिक से अधिक लोगों को काम मिले और उनकी कमाई भी बढ़े।

बिहार के व्यवसायों, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSMEs), व्यापारियों, श्रमिकों और उद्यमियों के लिए ये पहलें महत्वपूर्ण हैं। जिला पदाधिकारी ने जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक को स्थानीय संस्थानों और स्टार्टअप्स (नए व्यवसायों) के साथ सहयोग करने का निर्देश दिया है ताकि उन्हें भविष्य के रोजगार मेलों में शामिल किया जा सके। इसका उद्देश्य अधिक स्थानीय रोजगार के अवसर पैदा करना और काम के लिए युवाओं के पलायन को कम करना है। रोजगार सृजन में तेजी लाने के लिए जहानाबाद में एक आर्थिक कार्यबल (इकोनॉमिक टास्क फोर्स) भी स्थापित किया गया है।

इसके अतिरिक्त, बिहार कौशल विकास मिशन (BSDM) और इसका कुशल युवा कार्यक्रम (KYP) युवाओं की रोजगार क्षमता को बढ़ाने के लिए संचार, आईटी और सॉफ्ट स्किल्स में मुफ्त प्रशिक्षण प्रदान करता है। KYP के लिए 2026-27 के लिए ₹430.08 करोड़ का आवंटन है और इसे 2030-31 तक बढ़ा दिया गया है। यह कार्यक्रम युवाओं को नौकरी के लिए तैयार करने में मदद करता है।

आपके लिए इसका मतलब

कुशल युवा कार्यक्रम (KYP) क्या है?

कुशल युवा कार्यक्रम (KYP) बिहार सरकार द्वारा संचालित एक पहल है जो युवाओं को संचार, आईटी और सॉफ्ट स्किल्स में मुफ्त प्रशिक्षण प्रदान करती है ताकि उनकी रोजगार क्षमता बढ़ाई जा सके।

KYP में कौन भाग ले सकता है?

यह कार्यक्रम बिहार के युवाओं के लिए है, जिसका उद्देश्य उन्हें नौकरी के लिए आवश्यक कौशल प्रदान करना है।

KYP में क्या सिखाया जाता है?

इस कार्यक्रम के तहत युवाओं को संचार कौशल, सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) कौशल और सॉफ्ट स्किल्स का मुफ्त प्रशिक्षण दिया जाता है।

कुशल युवा कार्यक्रम कब तक चलेगा?

कुशल युवा कार्यक्रम को 2030-31 तक बढ़ा दिया गया है।

KYP के लिए कितना बजट आवंटित है?

कुशल युवा कार्यक्रम के लिए 2026-27 वित्तीय वर्ष हेतु ₹430.08 करोड़ का बजट आवंटित किया गया है।

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