बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 1 अक्टूबर, 2026 को पटना में आयोजित "राइजिंग बिहार इन्वेस्टर समिट 2026" में एक महत्वपूर्ण घोषणा की है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार बिहार में स्थापित कारखानों द्वारा निर्मित उत्पादों का 25 प्रतिशत खरीदेगी, बशर्ते ये उत्पाद निर्धारित गुणवत्ता मानकों को पूरा करते हों। इस पहल का उद्देश्य स्थानीय उद्योगों के लिए एक सुनिश्चित बाजार (guaranteed market) उपलब्ध कराना है, यानी उन्हें अपने उत्पादों के लिए एक पक्का खरीदार मिल जाएगा। सरकार अपनी खरीद नीति (procurement policy) को भी संशोधित कर रही है ताकि यह उद्योगों के लिए अधिक फायदेमंद हो और उनके उत्पादों को व्यापक बाजार तक पहुंच मिल सके।
यह शिखर सम्मेलन पटना के ताज सिटी सेंटर में आयोजित किया गया था, जिसमें केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी, बिहार के उद्योग मंत्री श्रेयसी सिंह और सड़क निर्माण मंत्री कुमार शैलेंद्र सहित कई गणमान्य व्यक्तियों ने भाग लिया।
राज्य में निवेश और रोजगार सृजन को बढ़ावा देने के लिए भी कई कदम उठाए गए हैं। बिहार औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकरण (BIADA) ने हाल ही में 26 नई औद्योगिक परियोजनाओं को मंजूरी दी है, जिनमें कुल 505.27 करोड़ रुपये का निवेश होगा और लगभग 5000 नौकरियां पैदा होने की उम्मीद है। इसके अतिरिक्त, 12 नई औद्योगिक इकाइयों, जिनमें मुख्य रूप से सूक्ष्म और लघु उद्यम (micro and small enterprises) शामिल हैं, को भूमि आवंटन के लिए मंजूरी मिली है। सूक्ष्म और लघु उद्यम छोटे व्यवसाय होते हैं जो स्थानीय अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ये इकाइयाँ पटना, बक्सर, मुजफ्फरपुर, पश्चिम चंपारण, भागलपुर, पूर्णिया, मधुबनी, औरंगाबाद और सहरसा सहित नौ जिलों में स्थापित की जाएंगी। इन इकाइयों में 132.60 करोड़ रुपये का प्रस्तावित निवेश है और इनसे लगभग 2,500 रोजगार के अवसर सृजित होने की संभावना है।
इसके अलावा, जमुई में इस्पात और अन्य उद्योगों में लगभग 3400 करोड़ रुपये का महत्वपूर्ण निवेश प्रस्तावित है, जिससे लगभग 10,000 प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होने का अनुमान है।
औद्योगिक विकास को गति देने के लिए, बिहार उद्योग विभाग और आईआईएम बोधगया ने 25 सितंबर, 2026 को एक समझौता ज्ञापन (Memorandum of Understanding - MoU) पर हस्ताक्षर किए। इस समझौता ज्ञापन का उद्देश्य बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नीति (BIIPP) 2026 तैयार करना है, जो निवेश, उद्यमिता और रोजगार को बढ़ावा देने के लिए अनुसंधान, आर्थिक विश्लेषण और हितधारक परामर्श पर केंद्रित होगी।
