बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने बक्सर जिले में 'श्री राम कौशल विश्वविद्यालय' की स्थापना की मांग की है। यह मांग बिहार कांग्रेस के प्रवक्ता डॉ. स्नेहाशीष वर्धन ने 24-25 सितंबर, 2026 के आसपास उठाई। यह प्रस्ताव बिहार कैबिनेट द्वारा 23 सितंबर, 2026 को पटना में माता सीता महिला विश्वविद्यालय और बेगूसराय में राष्ट्रकवि रामधारी सिंह 'दिनकर' विश्वविद्यालय जैसे दो अन्य नए विश्वविद्यालयों को मंजूरी दिए जाने के बाद आया है।
कांग्रेस पार्टी ने बक्सर के महत्वपूर्ण पौराणिक और ऐतिहासिक महत्व पर जोर दिया है, क्योंकि यह वही स्थान माना जाता है जहाँ भगवान श्री राम ने महर्षि विश्वामित्र से शिक्षा प्राप्त की थी। पार्टी का तर्क है कि बक्सर को लंबे समय से युद्ध कौशल और ज्ञान की भूमि के रूप में मान्यता मिली है। प्रस्तावित 'श्री राम कौशल विश्वविद्यालय' का उद्देश्य रोजगारोन्मुखी और आधुनिक कौशल-आधारित शिक्षा प्रदान करना है। रोजगारोन्मुखी शिक्षा का अर्थ है ऐसी पढ़ाई जो सीधे नौकरी दिलाने में मदद करे, और कौशल-आधारित शिक्षा का मतलब है व्यावहारिक हुनर सिखाना।
फिलहाल, बक्सर में श्री राम कौशल विश्वविद्यालय की स्थापना बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी की ओर से एक मांग बनी हुई है और इसे अभी तक बिहार सरकार से औपचारिक मंजूरी नहीं मिली है। कैबिनेट द्वारा अनुमोदित दो विश्वविद्यालय, माता सीता महिला विश्वविद्यालय और राष्ट्रकवि रामधारी सिंह 'दिनकर' विश्वविद्यालय, बिहार विशेष विश्वविद्यालय अधिनियम 2026 के प्रावधानों के तहत स्थापित किए जाएंगे। इन स्वीकृत विश्वविद्यालयों के लिए, कैबिनेट ने प्रारंभिक वेतन और संबंधित खर्चों के लिए प्रत्येक को ₹15 करोड़ मंजूर किए हैं। प्रस्तावित बक्सर विश्वविद्यालय के लिए कोई विशिष्ट निवेश या रोजगार सृजन के आंकड़े घोषित नहीं किए गए हैं, क्योंकि यह अभी भी प्रस्ताव के चरण में है।
बक्सर में कौशल-केंद्रित विश्वविद्यालय की स्थापना बिहार के व्यवसायों, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSMEs), व्यापारियों, श्रमिकों और उद्यमियों के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। MSMEs छोटे और मध्यम आकार के व्यवसायों को कहते हैं जो स्थानीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ होते हैं। उम्मीद है कि यह जिले में सीमित उच्च शिक्षा के अवसरों को संबोधित करेगा, जिससे छात्रों को उन्नत अध्ययन के लिए अन्य शहरों की यात्रा करने की आवश्यकता कम होगी। आधुनिक, रोजगारोन्मुखी कौशल प्रदान करके, यह विश्वविद्यालय स्थानीय उद्योगों के लिए कुशल कार्यबल तैयार करने में मदद करेगा, जिससे क्षेत्र में आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा।
