बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन (सेवानिवृत्त) ने मुजफ्फरपुर में "विकसित बिहार, विकसित भारत के लिए आवश्यक है" के दृष्टिकोण पर जोर दिया है। इसी दिशा में, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली बिहार कैबिनेट ने राज्य के आर्थिक विकास को गति देने और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए कई महत्वपूर्ण नीतियों को मंजूरी दी है।
28-29 अक्टूबर, 2026 को बिहार MSME नीति 2026 को मंजूरी दी गई। MSME का अर्थ है सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम – ये छोटे और मध्यम आकार के व्यवसाय होते हैं जो अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इस नीति का लक्ष्य अगले पांच वर्षों में 1 करोड़ उद्यमी परिवार (अपना व्यवसाय चलाने वाले परिवार) और 1 करोड़ प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रोज़गार सृजित करना है। इस नीति का एक प्रमुख उद्देश्य बिहार के ऋण-जमा अनुपात को वर्तमान 60% से थोड़ा अधिक से बढ़ाकर 75% करना है। ऋण-जमा अनुपात यह दर्शाता है कि बैंक में जमा कुल राशि का कितना प्रतिशत ऋण के रूप में दिया गया है; उच्च अनुपात का मतलब है कि बैंक अधिक ऋण दे रहे हैं, जिससे आर्थिक गतिविधि बढ़ती है। नीति में MSME कोष और विकास निधि का भी प्रावधान है, जो छोटे व्यवसायों को वित्तीय सहायता देगा, और राज्य के सभी 38 जिलों में MSME केंद्र स्थापित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री उद्यमी योजना के लिए 3,500 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जिससे 45,000 उद्यमियों को सहायता मिलेगी। इसके अतिरिक्त, राज्य के खरीद वरीयता अधिनियम के तहत सरकारी खरीद का 25-40% बिहार में निर्मित वस्तुओं से होगा, जिससे स्थानीय उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा।
व्यापार करने में आसानी (ईज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस) को बढ़ावा देने के लिए, 9 अक्टूबर, 2026 को बिहार ईज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस एक्ट, 2026 पेश किया गया। यह कानून उद्यमियों को स्व-घोषणा (बिना सरकारी अनुमति का इंतजार किए अपनी जानकारी स्वयं घोषित करके) के माध्यम से अपना व्यवसाय शुरू करने की अनुमति देता है। यह समयबद्ध स्वीकृतियां और निवेश मंजूरी के लिए एक एकल प्राधिकरण भी सुनिश्चित करता है, जिससे प्रक्रियाएं सरल और तेज हो जाती हैं। जुलाई 2026 में, औद्योगिक भूमि अधिग्रहण और बुनियादी ढांचा विकास के लिए 25,000 करोड़ रुपये की वित्तीय व्यवस्था को भी मंजूरी दी गई थी।
अन्य महत्वपूर्ण पहलों में 28 अक्टूबर, 2026 को अनुमोदित बिहार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस नीति, 2026 और CBG उत्पादन प्रोत्साहन नीति, 2026 शामिल हैं, जो क्रमशः AI कंपनियों और संपीड़ित बायोगैस (CBG) उत्पादन को बढ़ावा देंगी। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 3 नवंबर, 2026 को बक्सर से भागलपुर तक गंगा के किनारे लगभग 400 किलोमीटर लंबे औद्योगिक गलियारे का भी प्रस्ताव रखा है, जो राज्य में औद्योगिक विकास को और गति देगा।
