मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 2026 में बिहार के ऊर्जा और शिक्षा क्षेत्रों के लिए महत्वपूर्ण विस्तार योजनाओं की घोषणा की है, जिसका उद्देश्य सतत विकास और मानव पूंजी को बढ़ाना है।
ऊर्जा क्षेत्र में, 30 सितंबर, 2026 को बिहार कैबिनेट ने बिहार ग्रीन हाइड्रोजन नीति, 2026 को मंजूरी दी। इस नीति का लक्ष्य नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देना, कार्बन उत्सर्जन को कम करना और आयातित प्राकृतिक गैस पर निर्भरता घटाना है। राज्य ने 2031 तक सालाना 0.1 मिलियन मीट्रिक टन (100,000 टन) हरित हाइड्रोजन उत्पादन का लक्ष्य रखा है। हरित हाइड्रोजन वह ईंधन है जो नवीकरणीय ऊर्जा का उपयोग करके पानी से बनाया जाता है, जिससे कोई कार्बन उत्सर्जन नहीं होता। नीति में 1 GW इलेक्ट्रोलाइजर (पानी को हाइड्रोजन और ऑक्सीजन में तोड़ने वाला उपकरण) विनिर्माण क्षमता और लगभग 2.5 GW नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता विकसित करने की भी परिकल्पना की गई है। सरकार को इस नीति से लगभग 16,000 करोड़ रुपये का निवेश आकर्षित होने और लगभग 12,000 प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष नौकरियाँ सृजित होने की उम्मीद है। बिहार नवीकरणीय ऊर्जा विकास एजेंसी (BREDA) को इस नीति के कार्यान्वयन के लिए नोडल एजेंसी बनाया गया है। इसके अतिरिक्त, 2,554 कृषि फीडरों के सौरकरण के लिए 2,761.55 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। अगस्त 2026 में, ऊर्जा विभाग ने अगले पाँच वर्षों में बिजली क्षेत्र के लिए 1.40 लाख करोड़ रुपये की व्यापक निवेश योजना का अनावरण किया, जिसका लक्ष्य बिहार को बिजली-अधिशेष और हरित ऊर्जा-संचालित राज्य बनाना है।
शिक्षा क्षेत्र में, मुख्यमंत्री ने बुनियादी ढांचे और डिजिटल शिक्षा को मजबूत करने पर जोर दिया है। राज्य सरकार ने 700 मॉडल स्कूल स्थापित किए हैं, जिनमें 350,000 छात्रों की क्षमता है और ये ऑनलाइन शिक्षा तथा JEE और NEET जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी प्रदान करते हैं। "विद्यार्थी साथी ऐप" छात्रों को शिक्षकों और ऑनलाइन अध्ययन सहायता तक पहुँच प्रदान करता है। 15 सितंबर, 2026 को बिहार ने निजी विश्वविद्यालयों को बढ़ावा देने, विक्रमशिला विश्वविद्यालय को पुनर्जीवित करने और एक समर्पित शिक्षक प्रशिक्षण विश्वविद्यालय व महिला विश्वविद्यालय स्थापित करने सहित प्रमुख सुधारों की घोषणा की। "मुख्यमंत्री बालिका पीएचडी फेलोशिप योजना" के तहत 55 करोड़ रुपये के प्रस्तावित बजट के साथ सालाना 1,000 चयनित छात्राओं को चार साल के लिए प्रति माह 10,000 रुपये मिलेंगे। सरकार ने AI-आधारित शिक्षा को बढ़ावा देने और स्कूलों में AI लैब स्थापित करने के लिए Google के साथ भी साझेदारी की है। बिहार बजट 2026-27 में शिक्षा के लिए 68,216 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।
ये पहलें बिहार के व्यवसायों, MSME, व्यापारियों, श्रमिकों और उद्यमियों के लिए महत्वपूर्ण हैं। ऊर्जा विस्तार, विशेष रूप से हरित हाइड्रोजन और सौर ऊर्जा में, नए उद्योग बनाएगा, निजी निवेश आकर्षित करेगा और विनिर्माण, बुनियादी ढाँचा विकास तथा नवीकरणीय ऊर्जा सेवाओं में नौकरियाँ पैदा करेगा। शिक्षा सुधार कार्यबल के कौशल को बढ़ाएंगे, जिससे उभरते उद्योगों के लिए बेहतर प्रशिक्षित व्यक्ति उपलब्ध होंगे। राज्य का लक्ष्य नवंबर 2026 तक 5 लाख करोड़ रुपये का निवेश आकर्षित करना और अगले चार वर्षों में 10 मिलियन नौकरियाँ सृजित करना है।
