बिहार में रोजगार और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार सक्रिय रूप से कई पहल कर रही है। इसमें आगामी नौकरी मेले और एक महत्वाकांक्षी नई सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (MSME) नीति शामिल है।
युवाओं को निजी क्षेत्र में नौकरी के अवसर प्रदान करने के उद्देश्य से, बिहार के नौ जिलों में 2 नवंबर से 6 नवंबर, 2026 तक जिला-स्तरीय जॉब प्लेसमेंट-सह-व्यावसायिक मार्गदर्शन मेले 2026 आयोजित किए जाएंगे। ये मेले युवा, रोजगार एवं कौशल विकास विभाग और नियोजन एवं प्रशिक्षण निदेशालय द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित किए जा रहे हैं। उम्मीदवार detjob.bihar.gov.in पर ऑनलाइन या कार्यक्रम स्थल पर सुबह 10:30 बजे से शाम 4:00 बजे तक पंजीकरण कर सकते हैं। इन मेलों का आयोजन 2 नवंबर को बक्सर और गोपालगंज में; 3 नवंबर को जहानाबाद और सारण (छपरा) में; 4 नवंबर को सीवान और कैमूर (भभुआ) में; 5 नवंबर को नालंदा में; और 6 नवंबर को अररिया और पटना में होगा। ये मेले तकनीकी और गैर-तकनीकी दोनों योग्यता वाले युवाओं के लिए खुले हैं।
इससे पहले, अगस्त 2026 में, पटना के ज्ञान भवन में एक पांच दिवसीय बिहार मेगा जॉब फेयर का आयोजन किया गया था। युवा, रोजगार एवं कौशल विकास विभाग और बिहार कौशल विकास मिशन द्वारा आयोजित इस मेले में बैंकिंग, वित्तीय सेवाएँ और बीमा (BFSI) तथा खुदरा जैसे विभिन्न निजी क्षेत्रों में 20,000 से अधिक रिक्तियां थीं। 100 से अधिक कंपनियों ने भाग लिया और बिना किसी लिखित परीक्षा के सीधे साक्षात्कार और कौशल मूल्यांकन किए।
एक महत्वपूर्ण नीतिगत विकास के तहत, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में बिहार कैबिनेट ने 29 अक्टूबर, 2026 को 'बिहार MSME नीति 2026' को मंजूरी दी। यह नीति अगले पांच वर्षों के लिए एक करोड़ (10 मिलियन) प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित करने और एक करोड़ उद्यमी परिवारों को बढ़ावा देने का लक्ष्य रखती है। इस नीति के प्रमुख उद्देश्यों में राज्य के ऋण-जमा अनुपात को 75% तक बढ़ाना शामिल है। ऋण-जमा अनुपात यह दर्शाता है कि बैंक अपने पास जमा धन का कितना प्रतिशत ऋण के रूप में देते हैं; यह अनुपात बढ़ने से व्यवसायों को अधिक ऋण मिल पाएगा। नीति के तहत हर जिले में एक औद्योगिक क्लस्टर स्थापित किया जाएगा और सभी 38 जिलों में समर्पित MSME केंद्र बनाए जाएंगे। MSME यानी सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम, छोटे और मध्यम आकार के व्यवसाय होते हैं जो अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यह नीति MSME के औपचारिककरण, कौशल विकास, बाजार तक पहुंच और तकनीकी सहायता पर भी ध्यान केंद्रित करती है।
ये सभी पहल बिहार सरकार की व्यापक रोजगार सृजन प्रतिबद्धता का हिस्सा हैं, जिसका लक्ष्य 2025-26 वित्तीय वर्ष में 1.5 लाख सरकारी नौकरियां और रोजगार प्रदान करना और कुल 1 करोड़ रोजगार के अवसर पैदा करना है।
