बोधगया में 165 करोड़ रुपये की लागत से बनेगा बौद्ध ध्यान केंद्र; बिहार में फाइव-स्टार होटल विस्तार की योजना

ThisNews Desk
बोधगया में 165 करोड़ रुपये की लागत से बनेगा बौद्ध ध्यान केंद्र; बिहार में फाइव-स्टार होटल विस्तार की योजना
चित्र: Amu Juntraparn / Pexels

विश्व पर्यटन दिवस 2026 के अवसर पर, बिहार के पर्यटन मंत्री केदार प्रसाद गुप्ता ने राज्य के पर्यटन क्षेत्र के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाओं की घोषणा की। यह घोषणा पटना के सिख हेरिटेज गुरुनानक भवन में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम के दौरान की गई, जिसमें बिहार को एक प्रमुख पर्यटन केंद्र के रूप में स्थापित करने की सरकार की प्रतिबद्धता को रेखांकित किया गया। इन पहलों का उद्देश्य न केवल पर्यटकों को आकर्षित करना है, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करना और छोटे व्यवसायों के लिए नए अवसर पैदा करना भी है।

घोषित योजनाओं में सबसे प्रमुख बोधगया में एक अत्याधुनिक बौद्ध ध्यान और अनुभव केंद्र का निर्माण है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना की अनुमानित लागत 165 करोड़ रुपये है। यह एक बड़ी वित्तीय प्रतिबद्धता है, जिसका उपयोग एक ऐसा केंद्र बनाने के लिए किया जाएगा जो आगंतुकों को बौद्ध धर्म और ध्यान की गहरी समझ प्रदान करेगा। यह केंद्र बोधगया की वैश्विक पहचान को और बढ़ाएगा, जो पहले से ही बौद्ध धर्म के अनुयायियों के लिए एक महत्वपूर्ण तीर्थ स्थल है। इस तरह के बड़े पैमाने पर निर्माण कार्य से स्थानीय ठेकेदारों, निर्माण सामग्री आपूर्तिकर्ताओं, इंजीनियरों और विभिन्न कुशल व अकुशल श्रमिकों के लिए महत्वपूर्ण व्यावसायिक अवसर पैदा होंगे। यह परियोजना प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से हजारों लोगों को रोजगार प्रदान कर सकती है।

इसके अतिरिक्त, मंत्री ने बिहार में फाइव-स्टार होटलों के विस्तार की योजनाओं की भी घोषणा की। फाइव-स्टार होटल उच्च गुणवत्ता वाली आवास और सेवाएँ प्रदान करते हैं, जो अधिक पर्यटकों, विशेषकर उच्च आय वर्ग के पर्यटकों और व्यापारिक यात्रियों को आकर्षित करने के लिए महत्वपूर्ण हैं। इन होटलों के विस्तार से राज्य में होटल उद्योग में भारी निवेश आएगा, जिससे न केवल बड़े होटल समूहों को लाभ होगा, बल्कि स्थानीय व्यवसायों जैसे रेस्तरां, टैक्सी सेवाओं, हस्तशिल्प विक्रेताओं, टूर ऑपरेटरों और स्थानीय आपूर्तिकर्ताओं को भी अप्रत्यक्ष रूप से फायदा होगा। यह स्थानीय उद्यमियों के लिए नए व्यापारिक रास्ते खोलेगा और सेवा क्षेत्र में रोजगार के अवसरों में उल्लेखनीय वृद्धि करेगा।

ये पहलें बिहार के पर्यटन क्षेत्र को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की क्षमता रखती हैं। पर्यटन के बढ़ने से राज्य के राजस्व में वृद्धि होगी और छोटे व्यवसायियों, ठेकेदारों तथा व्यापारियों के लिए आय के नए स्रोत बनेंगे। यह घोषणा बिहार को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर एक महत्वपूर्ण स्थान दिलाने की दिशा में एक ठोस कदम है, जिससे राज्य के समग्र आर्थिक विकास को गति मिलेगी और स्थानीय समुदायों को सशक्तिकरण मिलेगा।

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