बिहार के छोटे व्यवसायों, ठेकेदारों, व्यापारियों और उद्यमियों के लिए एक महत्वपूर्ण खबर है। NBCC (इंडिया) लिमिटेड ने बिहार सरकार के साथ पटना में चार प्रमुख पुनर्विकास परियोजनाओं को शुरू करने के लिए एक महत्वपूर्ण समझौता किया है। इन परियोजनाओं की अनुमानित लागत लगभग 2,000 करोड़ रुपये (जीएसटी को छोड़कर) होगी। इन समझौता ज्ञापनों (MoUs) पर 2 नवंबर, 2026 को हस्ताक्षर किए गए, जिसमें बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और NBCC के सीएमडी के.पी. महादेवास्वामी सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। उप मुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी और बिजेंद्र प्रसाद यादव, तथा नगर विकास एवं आवास विभाग (UDHD) के मंत्री नीतीश मिश्रा भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
यह व्यापक योजना, जिसे चरण-I के रूप में नामित किया गया है, से अनुमानित 5,152 करोड़ रुपये की बिक्री/पट्टे से आय होने की उम्मीद है। इन परियोजनाओं को 'स्व-वित्तपोषण' के आधार पर निष्पादित किया जाएगा। इसका मतलब है कि इन परियोजनाओं के लिए राज्य सरकार को अपने बजट से सीधे पैसे नहीं देने होंगे। इसके बजाय, परियोजना से होने वाली आय, जैसे कि फ्लैटों या वाणिज्यिक स्थानों की बिक्री/पट्टे से, ही परियोजना की लागत को पूरा किया जाएगा। यह राज्य सरकार पर कोई वित्तीय बोझ डाले बिना विकास सुनिश्चित करेगा।
इन परियोजनाओं में पटना के गर्दनीबाग में सूचना प्रौद्योगिकी विभाग (DIT बिहार) के लिए बिहार का पहला आईटी टेक पार्क विकसित करना शामिल है। यह पार्क राज्य में तकनीकी नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इसके अतिरिक्त, बिहार राज्य आवास बोर्ड की कॉलोनियों, सेक्टर 5 (टीवी टावर के पास) और सेक्टर 6 (बहादुरपुर) में दो आवासीय पुनर्विकास परियोजनाएं भी प्रस्तावित हैं। इन आवासीय परियोजनाओं के तहत कुल 3,331 फ्लैट बनाए जाएंगे। ये फ्लैट आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS), निम्न आय समूह (LIG), मध्यम आय समूह (MIG) और उच्च आय समूह (HIG) जैसी विभिन्न श्रेणियों के लिए उपलब्ध होंगे।
ये परियोजनाएं पटना के शहरी बुनियादी ढांचे को आधुनिक बनाने और हजारों परिवारों के लिए बेहतर आवास प्रदान करने के साथ-साथ राज्य में आईटी क्षेत्र के विकास को गति देने में सहायक होंगी। यह बिहार के आर्थिक विकास और रोजगार सृजन के लिए एक बड़ा कदम है।
