बिहार के शहरी विकास एवं आवास मंत्री, नीतीश मिश्रा ने राज्य के सभी शहरों में "सिग्नेचर रोड" विकसित करने की योजना की घोषणा की है। यह पहल राज्य सरकार की एक व्यापक रणनीति का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य तीव्र शहरीकरण की चुनौतियों का सामना करने के लिए आधुनिक बुनियादी ढांचे और नियोजित शहरी विकास पर ध्यान केंद्रित करना है। यह घोषणा 28 अक्टूबर, 2026 को की गई थी।
इस योजना के तहत, बिहार के प्रत्येक शहरी स्थानीय निकाय – जिसमें नगर निगम, नगर परिषद और नगर पंचायतें शामिल हैं – एक से दो किलोमीटर लंबी "सिग्नेचर रोड" का विकास करेगा। ये सड़कें अपने संबंधित शहरों के लिए एक विशिष्ट पहचान और महत्वपूर्ण विशेषता के रूप में देखी जा रही हैं। इन सड़कों के उन्नयन में सड़क चौड़ीकरण, व्यापक भू-दृश्यीकरण (लैंडस्केपिंग), आधुनिक स्ट्रीट लाइटिंग, हरित पट्टी (ग्रीन बेल्ट) का निर्माण, वृक्षारोपण और अन्य आवश्यक नागरिक सुविधाएं शामिल होंगी। इसका मुख्य लक्ष्य शहरी परिदृश्य को बेहतर बनाना और सार्वजनिक स्थानों को अधिक आकर्षक बनाना है।
मंत्री नीतीश मिश्रा ने ललित नारायण मिश्र आर्थिक विकास एवं सामाजिक परिवर्तन संस्थान में जूनियर इंजीनियरों के 28 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन सत्र के दौरान यह घोषणा की। इस अवसर पर, योजना एवं विकास विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव एन. विजयलक्ष्मी ने भी इन परियोजनाओं के लिए सार्वजनिक निधियों के जिम्मेदार उपयोग और पारदर्शी वित्तीय प्रबंधन के महत्व पर जोर दिया।
हालांकि, इस घोषणा में "सिग्नेचर रोड" के लिए विशिष्ट निवेश राशि या समर्पित वित्तपोषण व्यवस्था का विवरण नहीं दिया गया है। शहरी स्थानीय निकायों को इन अल्पकालिक परियोजनाओं की पहचान कर उन्हें अक्टूबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। यह पहल राज्य के छोटे व्यवसायों, ठेकेदारों और आपूर्तिकर्ताओं के लिए नए अवसर पैदा कर सकती है, क्योंकि इसमें सड़क निर्माण, भू-दृश्यीकरण, प्रकाश व्यवस्था और अन्य शहरी सुविधाओं से संबंधित कार्य शामिल होंगे।
