बिहार के मुख्यमंत्री ने 2,996 नए स्कूल भवनों के निर्माण में तेज़ी लाने का निर्देश दिया

ThisNews Desk
बिहार के मुख्यमंत्री ने 2,996 नए स्कूल भवनों के निर्माण में तेज़ी लाने का निर्देश दिया
चित्र: Jef K / Pexels

बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राज्य में शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। उन्होंने अधिकारियों को 2,996 नए स्कूल भवनों के निर्माण कार्य में तेज़ी लाने का निर्देश दिया है, जिनमें कुल 16,440 नए क्लासरूम शामिल होंगे। यह निर्देश 23 अक्टूबर, 2026 को लोक सेवक आवास स्थित संकल्प हॉल में शिक्षा एवं उच्च शिक्षा विभागों की एक बैठक के दौरान जारी किया गया। इस पहल का उद्देश्य छात्रों के लिए बेहतर शैक्षणिक वातावरण सुनिश्चित करना है।

मुख्यमंत्री के इस निर्देश का सीधा और सकारात्मक असर राज्य के छोटे व्यवसायों, ठेकेदारों और उद्यमियों पर पड़ेगा। इतनी बड़ी संख्या में स्कूल भवनों का निर्माण कार्य शुरू होने से निर्माण क्षेत्र में बड़े पैमाने पर नए अवसर पैदा होंगे। भवन निर्माण से जुड़े ठेकेदारों (कॉन्ट्रैक्टर्स) के लिए यह एक बड़ा अवसर है, क्योंकि उन्हें नए प्रोजेक्ट्स मिलेंगे, जिससे उनके कारोबार में वृद्धि होगी। इसके साथ ही, निर्माण सामग्री जैसे सीमेंट, सरिया (स्टील बार), ईंट, रेत, बजरी, और अन्य फिटिंग जैसे दरवाजे, खिड़कियां, बिजली के उपकरण और प्लंबिंग सामग्री के आपूर्तिकर्ताओं (सप्लायर्स) की मांग में भी भारी वृद्धि होगी। यह उन छोटे और मध्यम उद्यमों (MSMEs) के लिए विशेष रूप से फायदेमंद होगा जो इन सामग्रियों का उत्पादन या व्यापार करते हैं, जिससे उनकी बिक्री और लाभ में इज़ाफ़ा होगा।

इसके अलावा, इस वृहद परियोजना से बड़ी संख्या में कुशल और अकुशल श्रमिकों को रोज़गार मिलेगा। राजमिस्त्री, बढ़ई, इलेक्ट्रीशियन, प्लंबर और सामान्य मज़दूरों के लिए काम के अवसर बढ़ेंगे, जिससे उनकी आजीविका सुरक्षित होगी। यह स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति देगा, क्योंकि इन श्रमिकों और आपूर्तिकर्ताओं द्वारा अर्जित धन बाज़ार में खर्च किया जाएगा, जिससे किराना स्टोर, परिवहन सेवाओं और अन्य स्थानीय व्यवसायों को भी लाभ होगा। यह न केवल शिक्षा के स्तर को बेहतर बनाएगा बल्कि राज्य में आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा देगा और रोज़गार सृजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। यह परियोजना बिहार के निर्माण उद्योग और उससे जुड़े सहायक व्यवसायों के लिए एक महत्वपूर्ण प्रोत्साहन साबित होगी, जिससे समग्र आर्थिक विकास को बल मिलेगा।

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