बिहार सरकार ने नवादा में नई चीनी मिल के लिए 99.39 एकड़ भूमि के निःशुल्क हस्तांतरण को दी मंजूरी

ThisNews Desk
बिहार सरकार ने नवादा में नई चीनी मिल के लिए 99.39 एकड़ भूमि के निःशुल्क हस्तांतरण को दी मंजूरी
चित्र: Simon Hurry / Pexels

बिहार सरकार ने नवादा जिले के वारिसलीगंज अंचल के मकानपुर गाँव में एक नई चीनी मिल की स्थापना के लिए 99.39 एकड़ भूमि के निःशुल्क हस्तांतरण को अपनी मंजूरी दे दी है। यह महत्वपूर्ण निर्णय 23 सितंबर, 2026 को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में लिया गया। यह भूमि गन्ना उद्योग विभाग को हस्तांतरित की जाएगी। भूमि का निःशुल्क हस्तांतरण का अर्थ है कि सरकार बिना किसी शुल्क के यह जमीन उपलब्ध करा रही है।

इस परियोजना में ₹500 करोड़ से अधिक का निवेश आने की उम्मीद है। निवेश का मतलब है कि व्यवसाय शुरू करने या विस्तार करने के लिए बड़ी मात्रा में धन लगाया जाएगा। हालांकि, अभी तक किसी विशिष्ट चीनी मिल कंपनी का नाम घोषित नहीं किया गया है, लेकिन यह पहल क्षेत्र में औद्योगिक विकास की दिशा में एक बड़ा कदम है। औद्योगिक विकास का अर्थ है कि नए उद्योग स्थापित होंगे और मौजूदा उद्योगों का विस्तार होगा, जिससे अर्थव्यवस्था मजबूत होगी। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोशल मीडिया के माध्यम से इस आधिकारिक घोषणा की।

चीनी मिल की स्थापना के लिए प्रारंभिक कार्य कई महीनों से चल रहे थे। 20 मार्च, 2026 तक मकानपुर गाँव में लगभग 102 एकड़ भूमि की पहचान की गई थी, और इसका प्रस्ताव राज्य के गन्ना उद्योग विभाग को भेजा गया था। बिहार गन्ना उद्योग विभाग और स्थानीय प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने 1 अप्रैल, 2026 को चिन्हित भूमि का निरीक्षण कर उसकी उपयुक्तता का आकलन किया था। अब, 99.39 एकड़ सरकारी भूमि के हस्तांतरण की मंजूरी से एक बड़ी बाधा दूर हो गई है, और अगले चरणों में निर्माण तथा परिचालन संबंधी तैयारियां शामिल होंगी।

यह विकास बिहार की अर्थव्यवस्था के लिए, विशेषकर छोटे व्यवसाय मालिकों (MSMEs), ठेकेदारों, व्यापारियों, श्रमिकों और उद्यमियों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। MSMEs का अर्थ है सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम, जो छोटे और मध्यम आकार के व्यवसाय होते हैं। नई चीनी मिल से नवादा, नालंदा, शेखपुरा और जमुई सहित चार जिलों के गन्ना किसानों को सीधा लाभ मिलेगा। उन्हें अपनी उपज के लिए एक स्थानीय बाजार मिलेगा, जिससे परिवहन लागत कम हो सकती है और गन्ना उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा।

इसके अतिरिक्त, इस परियोजना से स्थानीय युवाओं के लिए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है। प्रत्यक्ष रोजगार का अर्थ है सीधे मिल में काम करने वाले लोग, जबकि अप्रत्यक्ष रोजगार का अर्थ है मिल के कारण परिवहन, कृषि सेवाओं और अन्य सहायक व्यवसायों में पैदा होने वाले काम। इस मिल की स्थापना से वारिसलीगंज, नवादा और आसपास के क्षेत्रों में चीनी-आधारित आर्थिक गतिविधियों को मजबूती मिलेगी। आर्थिक गतिविधि का मतलब है पैसे कमाने और खर्च करने से संबंधित सभी कार्य। यह राज्य सरकार के चीनी उद्योग के विस्तार और नवादा जैसे जिलों में औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के व्यापक प्रयासों में योगदान देगा, जहाँ वर्तमान में कोई बड़ा कार्यात्मक उद्योग नहीं है।

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