मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने औद्योगिक परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण में तेज़ी लाने का निर्देश दिया

ThisNews Desk
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने औद्योगिक परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण में तेज़ी लाने का निर्देश दिया
चित्र: Brett Sayles / Pexels

बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राज्य में औद्योगिक परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया में तेज़ी लाने का निर्देश दिया है। यह निर्देश उन्होंने 16 अक्टूबर, 2026 को पटना में उद्योग विभाग की एक समीक्षा बैठक के दौरान जिलाधिकारियों (DM) को दिए। मुख्यमंत्री ने इस बात पर ज़ोर दिया कि उद्योगों की स्थापना के लिए समय पर भूमि की उपलब्धता अत्यंत महत्वपूर्ण है।

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, जिन्होंने 15 अप्रैल, 2026 को पदभार संभाला था, ने कहा कि बिहार में औद्योगिक विकास को गति देने के लिए भूमि अधिग्रहण एक महत्वपूर्ण कड़ी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे इस प्रक्रिया को प्राथमिकता दें और इसमें आने वाली बाधाओं को जल्द से जल्द दूर करें। औद्योगिक परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण का अर्थ है कि सरकार निजी ज़मीन को उद्योगों के लिए उपलब्ध कराती है, ताकि नई फ़ैक्ट्रियाँ, उत्पादन इकाइयाँ या अन्य औद्योगिक प्रतिष्ठान स्थापित किए जा सकें। यह राज्य में निवेश आकर्षित करने और रोज़गार के अवसर पैदा करने के लिए आवश्यक है।

बैठक में मुख्यमंत्री ने बताया कि भूमि की समय पर उपलब्धता से न केवल परियोजनाओं को समय पर शुरू करने में मदद मिलती है, बल्कि इससे निवेशकों का विश्वास भी बढ़ता है। अक्सर, भूमि अधिग्रहण में देरी के कारण औद्योगिक परियोजनाएँ अटक जाती हैं या उनकी लागत बढ़ जाती है, जिससे निवेशक बिहार में निवेश करने से कतराते हैं। उन्होंने जिलाधिकारियों को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने ज़िलों में लंबित भूमि अधिग्रहण मामलों की समीक्षा करें और उन्हें निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरा करने के लिए ठोस कदम उठाएँ।

उद्योग विभाग के अधिकारियों को भी निर्देश दिए गए कि वे जिलाधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित करें और भूमि अधिग्रहण से संबंधित सभी प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित करें। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार बिहार को औद्योगिक रूप से समृद्ध राज्य बनाने के लिए प्रतिबद्ध है और इसके लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएँगे। इस पहल से छोटे और मध्यम व्यवसायियों (MSME), ठेकेदारों और उद्यमियों को भी लाभ मिलने की उम्मीद है, क्योंकि नए उद्योगों की स्थापना से सहायक सेवाओं और उत्पादों की मांग बढ़ेगी, जिससे उनके लिए नए व्यापार के अवसर पैदा होंगे।

यह निर्देश बिहार में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने और राज्य की अर्थव्यवस्था को मज़बूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। सरकार का लक्ष्य है कि भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को पारदर्शी और कुशल बनाया जाए ताकि निवेशक बिना किसी परेशानी के बिहार में अपने उद्योग स्थापित कर सकें।

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