बिहार में सितंबर और अक्टूबर 2026 के दौरान गंगा, गंडक और सोन नदियों में अभूतपूर्व जलस्तर और अत्यधिक बारिश के कारण व्यापक बाढ़ आई है। इस आपदा ने 15 जिलों के 2,000 से अधिक गांवों में 50 लाख से अधिक लोगों को प्रभावित किया है। एक रिपोर्ट के अनुसार, पटना, भागलपुर, सारण, वैशाली, बेगूसराय, कटिहार, पूर्णिया और बक्सर सहित 15 जिलों के 87 प्रखंडों में लगभग 47.33 लाख लोग प्रभावित हुए हैं।
कृषि क्षेत्र को इस बाढ़ से भारी नुकसान हुआ है। कृषि विभाग के प्रारंभिक आकलन के अनुसार, 18 जिलों के 100 से अधिक प्रखंडों में लगभग 1.7 लाख हेक्टेयर में ₹270 करोड़ की फसल का नुकसान हुआ है। धान, मक्का, सब्जियां और केले की फसलें सबसे ज्यादा प्रभावित हुई हैं। यह नुकसान छोटे किसानों और कृषि-आधारित व्यवसायों के लिए एक बड़ा आर्थिक झटका है, जिससे उनकी आय और आजीविका पर सीधा असर पड़ा है।
बाढ़ के कारण ग्रामीण सड़कों को भी व्यापक क्षति हुई है। इन सड़कों के क्षतिग्रस्त होने से माल ढुलाई और आवागमन बाधित हुआ है, जिससे छोटे व्यापारियों और दैनिक मजदूरों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इन सड़कों की मरम्मत पर काफी लागत आएगी, जो ठेकेदारों के लिए काम का अवसर भी पैदा करेगी, लेकिन साथ ही राज्य के संसाधनों पर दबाव भी बढ़ाएगी।
बिहार सरकार इस आपदा से हुए नुकसान की भरपाई के लिए केंद्र सरकार से ₹10,000 करोड़ से अधिक की मांग करने की तैयारी कर रही है। आपदा प्रबंधन विभाग (DMD) ने तत्काल राहत के तौर पर 8,27,472 सत्यापित बाढ़ प्रभावित परिवारों को प्रति परिवार ₹7,000 की अनुग्रह सहायता (ex-gratia assistance) के रूप में ₹579.23 करोड़ हस्तांतरित किए हैं। अनुग्रह सहायता वह वित्तीय मदद होती है जो सरकार किसी आपदा से प्रभावित लोगों को तत्काल राहत के लिए देती है। यह राशि छोटे व्यापारियों और परिवारों को अपनी बुनियादी जरूरतें पूरी करने में मदद करेगी।
राहत कार्यों के तहत, 1,200 से अधिक सामुदायिक रसोईघरों ने 1.2 करोड़ से अधिक भोजन परोसे हैं। इसके अतिरिक्त, राहत शिविरों, सूखे राशन पैकेट, पॉलीथीन शीट और पशु चारा भी वितरित किया गया है। राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) और राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) की टीमों ने लगभग 1,900 नावों के साथ बचाव और राहत अभियान चलाए हैं। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 6 अक्टूबर, 2026 को अधिकारियों को बाढ़ क्षति पर एक विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। बाढ़ के दूसरे चरण के लिए मुआवजे का हस्तांतरण 12 अक्टूबर, 2026 तक होने की उम्मीद है, जिससे प्रभावितों को जल्द राहत मिलेगी।
