बिहार में भारी बारिश से फसलों को नुकसान; सरकार ने MSME नीति 2026 और आपदा राहत को मंजूरी दी

ThisNews Desk
बिहार में भारी बारिश से फसलों को नुकसान; सरकार ने MSME नीति 2026 और आपदा राहत को मंजूरी दी — प्रतीकात्मक तस्वीर
चित्र: Andres Alaniz / Pexels

बिहार में हाल ही में हुई भारी बारिश और गरज-चमक ने जनजीवन और कृषि को प्रभावित किया है। 31 अक्टूबर, 2026 को सीतामढ़ी और मधुबनी ज़िलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया था, जबकि पटना, भोजपुर, बक्सर, कैमूर, रोहतास और औरंगाबाद के लिए ऑरेंज अलर्ट था। पटना मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, बंगाल की खाड़ी से उत्पन्न एक मौसमी प्रणाली के कारण राज्य के कई हिस्सों में 30-40 किमी प्रति घंटे की गति से तेज़ हवाओं के साथ भारी बारिश हुई।

इस बारिश से किसानों को भारी नुकसान हुआ है। खड़ी धान की फसलें तेज़ हवाओं और लगातार बारिश के कारण खेतों में बिछ गईं, जिससे उनकी कटाई और वित्तीय स्थिति पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। मौसम विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि वे खेतों से अतिरिक्त पानी निकालें और कटी हुई फसलों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाएँ ताकि नुकसान कम हो सके।

यह मौसमी घटना बिहार के व्यवसायों, विशेषकर सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSMEs), व्यापारियों, श्रमिकों और उद्यमियों के लिए महत्वपूर्ण प्रभाव डालती है। 2026 के एक अध्ययन के अनुसार, बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में 90% से अधिक MSMEs को कामकाज में बाधा का सामना करना पड़ा, जिससे उन्हें अस्थायी रूप से बंद करना पड़ा और राजस्व हानि हुई। ऐसी आपदाएँ परिचालन बंद होने, राजस्व के नुकसान और आपूर्ति श्रृंखला की समस्याओं का कारण बन सकती हैं।

इन आवर्ती प्राकृतिक आपदाओं के जवाब में, बिहार सरकार ने 2026 में कई पहल की हैं। आपदा प्रबंधन विभाग ने 17 पहले से ही चालू केंद्रों के अलावा 20 अतिरिक्त ज़िलों में "ज़िला आपातकालीन प्रतिक्रिया सुविधा-सह-प्रशिक्षण केंद्र" स्थापित करने की योजना की घोषणा की है। राज्य सरकार ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में 9,71,678 बाढ़ प्रभावित परिवारों के लिए कुल ₹680.17 करोड़ की अनुग्रह राशि (सहायता) को भी मंज़ूरी दी है, जिसमें प्रति परिवार राहत राशि ₹6,000 से बढ़ाकर ₹7,000 कर दी गई है। इसके अतिरिक्त, बिहार कैबिनेट ने बाढ़ क्षेत्र परिसीमन अध्ययन के लिए ₹1.99 करोड़ और बांध सुरक्षा अधिनियम, 2021 के तहत 24 बांधों की सुरक्षा का आकलन करने के लिए ₹8.39 करोड़ को मंज़ूरी दी है, जिसे आठ महीने के भीतर पूरा करने का लक्ष्य है।

व्यापार क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में, बिहार कैबिनेट ने 28-29 अक्टूबर, 2026 को बिहार MSME नीति 2026 को मंज़ूरी दी है। इस नीति का लक्ष्य अगले पाँच वर्षों में एक करोड़ उद्यमी परिवार और एक करोड़ प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रोज़गार सृजित करना है। इसमें बिहार के सभी 38 ज़िलों में MSME केंद्र स्थापित करने, वित्त तक पहुँच बेहतर बनाने के लिए MSME कोष और विकास निधि बनाने, और राज्य के ऋण-जमा अनुपात (बैंकों द्वारा दिए गए ऋण और जमा राशि का अनुपात) को 75% तक बढ़ाने के प्रावधान शामिल हैं। यह नीति राज्य में छोटे व्यवसायों के विकास और लचीलेपन को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

आपके लिए इसका मतलब

बिहार MSME नीति 2026 का उद्देश्य क्या है?

इसका लक्ष्य अगले पाँच वर्षों में एक करोड़ उद्यमी परिवार और एक करोड़ प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रोज़गार सृजित करना है।

इस नीति के तहत क्या प्रावधान हैं?

इसमें बिहार के सभी 38 ज़िलों में MSME केंद्र स्थापित करना, वित्त तक पहुँच बेहतर बनाने के लिए MSME कोष और विकास निधि बनाना, और राज्य के ऋण-जमा अनुपात को 75% तक बढ़ाना शामिल है।

बाढ़ प्रभावित परिवारों को कितनी अनुग्रह राशि मिलेगी?

वित्तीय वर्ष 2025-26 में 9,71,678 बाढ़ प्रभावित परिवारों के लिए कुल ₹680.17 करोड़ की अनुग्रह राशि स्वीकृत की गई है, जिसमें प्रति परिवार राहत राशि ₹6,000 से बढ़ाकर ₹7,000 कर दी गई है।

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