बिहार सरकार ने बाढ़ के पानी से आई असामान्य मछलियों के सेवन, खरीद-बिक्री पर चेतावनी जारी की

ThisNews Desk
बिहार सरकार ने बाढ़ के पानी से आई असामान्य मछलियों के सेवन, खरीद-बिक्री पर चेतावनी जारी की
चित्र: Collab Media / Pexels

बिहार सरकार ने राज्य में बाढ़ के पानी के साथ नेपाल से आई असामान्य या अपरिचित मछली किस्मों के सेवन, खरीद या बिक्री के खिलाफ सार्वजनिक स्वास्थ्य चेतावनी जारी की है। यह चेतावनी उन व्यक्तियों में बीमारी की रिपोर्ट के बाद जारी की गई है, जिन्होंने कथित तौर पर इन मछलियों का सेवन किया था।

पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग, बिहार के मत्स्य प्रभाग ने यह परामर्श जारी किया है, जिसे 31 अगस्त, 2026 को उनके आधिकारिक एक्स (पूर्व में ट्विटर) हैंडल के माध्यम से भी प्रसारित किया गया। बिहार के डेयरी, मत्स्य और पशु संसाधन मंत्री नंद किशोर राम ने जनता से इस परामर्श का पालन करने की अपील की है।

मुख्य चिंता यह है कि नेपाल में गंभीर बाढ़ से अपने प्राकृतिक आवासों से बहकर आई मछलियाँ दूषित नालियों, सीवेज, मृत जानवरों और सड़े हुए पदार्थों के लंबे समय तक संपर्क में रही होंगी। इस संपर्क से हानिकारक बैक्टीरिया, वायरस और कवक से दूषित होने का खतरा काफी बढ़ जाता है, जिससे ये मछलियाँ मानव उपभोग के लिए खतरनाक हो जाती हैं। ऐसी मछलियों का सेवन करने वाले लोगों द्वारा उल्टी, दस्त, पेट दर्द, चक्कर आना और सांस लेने में कठिनाई जैसे लक्षण बताए गए हैं।

यह परामर्श विशेष रूप से नेपाल सीमा से लगे जिलों और गंडक, गंगा, कोसी जैसी प्रमुख नदियों तथा उनकी सहायक नदियों के किनारे स्थित जिलों को लक्षित करता है। इनमें पूर्वी और पश्चिमी चंपारण, गोपालगंज, बगहा, सारण, सहरसा, सीवान और नवादा शामिल हैं। निवासियों से आग्रह किया गया है कि वे ऐसी मछलियों को देखने पर अपने संबंधित जिला मत्स्य अधिकारी या स्थानीय प्रशासन को इसकी सूचना दें। कुछ रिपोर्टों में 10 से 90 किलोग्राम, और यहाँ तक कि 150 किलोग्राम तक की असामान्य रूप से बड़ी मछलियों की उपस्थिति का संकेत मिला है, जिनमें से कुछ की पहचान प्रतिबंधित थाई मांगुर और गूंच कैटफ़िश के रूप में की गई है। गूंच कैटफ़िश को IUCN द्वारा एक लुप्तप्राय प्रजाति के रूप में भी सूचीबद्ध किया गया है।

यह स्थिति बिहार के व्यवसायों, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSMEs), व्यापारियों और श्रमिकों को महत्वपूर्ण रूप से प्रभावित करती है। स्थानीय मछुआरों और मछली व्यापारियों को इन अपरिचित मछलियों को पकड़ने, खरीदने और बेचने पर प्रतिबंध के कारण सीधा आर्थिक नुकसान हो रहा है। इसके अतिरिक्त, यह सार्वजनिक स्वास्थ्य चेतावनी समग्र मछली बाजार में उपभोक्ता विश्वास को कम कर सकती है, जिससे नियमित, सुरक्षित मछली की बिक्री भी प्रभावित हो सकती है। उपभोक्ता विश्वास में कमी का अर्थ है कि लोग सुरक्षित मछलियाँ खरीदने से भी हिचकिचा सकते हैं, जिससे व्यापारियों की आय पर नकारात्मक असर पड़ेगा।

कृषि बिज़नेस में और पढ़ें