खगड़िया-पूर्णिया NH-31 और NH-231 के चौड़ीकरण को कैबिनेट की मंजूरी, 3,936 करोड़ रुपये की लागत से बनेगा 143.5 किमी लंबा फोरलेन

ThisNews Desk
खगड़िया-पूर्णिया NH-31 और NH-231 के चौड़ीकरण को कैबिनेट की मंजूरी, 3,936 करोड़ रुपये की लागत से बनेगा 143.5 किमी लंबा फोरलेन
चित्र: Lijo Joy / Pexels

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (CCEA) ने 3 जून, 2026 को बिहार में राष्ट्रीय राजमार्ग 31 (NH-31) और राष्ट्रीय राजमार्ग 231 (NH-231) के खगड़िया-पूर्णिया खंड के चार-लेनिंग को मंजूरी दे दी है। इस परियोजना की अनुमानित लागत 3,936.05 करोड़ रुपये है और यह 143.529 किलोमीटर लंबी होगी। इसमें सिविल निर्माण पर 2,467.77 करोड़ रुपये और भूमि अधिग्रहण पर अनुमानित 290.16 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इस परियोजना का क्रियान्वयन 'बिल्ड-ऑपरेट-ट्रांसफर (टोल)' मॉडल के तहत किया जाएगा, जिसका अर्थ है कि एक निजी कंपनी सड़क का निर्माण करेगी, उसे संचालित करेगी और टोल वसूलकर अपनी लागत निकालेगी।

इस उन्नयन कार्य में खगड़िया, भागलपुर, कटिहार और पूर्णिया जिलों में गंभीर ज्यामितीय कमियों, तीखे मोड़ों और शहरी क्षेत्रों में भीड़भाड़ को दूर करना शामिल है। पूर्णिया शहर के आसपास 6.729 किलोमीटर का एक ग्रीनफील्ड बाईपास बनाना भी इसका एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिससे शहरी यातायात को सुगम बनाया जा सके। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के एक अधिकारी ने 5 अगस्त, 2026 को पुष्टि की कि परियोजना के लिए बोली प्रक्रिया चल रही है। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) इस परियोजना को विकसित कर रहा है। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इस मंजूरी के लिए आभार व्यक्त किया और इसे राज्य के विकास के लिए महत्वपूर्ण बताया।

यह राजमार्ग उन्नयन बिहार की अर्थव्यवस्था के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। इससे खगड़िया और पूर्णिया के बीच यात्रा का समय मौजूदा 3.5-4 घंटे से घटकर लगभग 1.5-2 घंटे हो जाने की उम्मीद है। यह सड़क सुरक्षा, ईंधन दक्षता और वाहन परिचालन लागत में सुधार करेगा, जिससे व्यापारियों और ट्रांसपोर्टरों को सीधा लाभ मिलेगा। यह परियोजना बिहार की कृषि अर्थव्यवस्था को भी महत्वपूर्ण बढ़ावा देगी। किसानों के लिए, यह केले (खगड़िया) और मखाना (पूर्णिया) जैसे समय-संवेदनशील कृषि उत्पादों के तेजी से परिवहन को सक्षम बनाएगा, जिससे उत्पादों के खराब होने की संभावना कम होगी और उन्हें बाजार में बेहतर कीमतें मिल सकेंगी।

यह गलियारा पांच पीएम गति-शक्ति आर्थिक नोड्स से जुड़कर क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को बढ़ाएगा। इन नोड्स में एक कपड़ा क्लस्टर और दो मेगा फूड पार्क शामिल हैं। "आर्थिक नोड्स" ऐसे क्षेत्र होते हैं जहाँ आर्थिक गतिविधियाँ केंद्रित होती हैं, जैसे उद्योग या व्यापार केंद्र। बेहतर कनेक्टिविटी इन क्षेत्रों में व्यापार और निवेश को बढ़ावा देगी।

इंफ्रास्ट्रक्चर में और पढ़ें