बिहार में बांस की खेती को बढ़ावा देने के लिए किसानों को मिलेगी सब्सिडी: 2026-27 के लिए आवेदन शुरू

ThisNews Desk
बिहार में बांस की खेती को बढ़ावा देने के लिए किसानों को मिलेगी सब्सिडी: 2026-27 के लिए आवेदन शुरू
चित्र: ClickerHappy / Pexels

बिहार में छोटे व्यवसायियों, ठेकेदारों, व्यापारियों और उद्यमियों के लिए एक महत्वपूर्ण व्यावसायिक अवसर सामने आया है। राज्य सरकार ने किसानों की आय बढ़ाने और ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बांस की खेती को प्रोत्साहित करने के लिए एक नई और महत्वपूर्ण पहल शुरू की है। उद्यान निदेशालय कृषि विभाग, बिहार, इस योजना को राष्ट्रीय बांस मिशन (NBM) के तहत लागू कर रहा है। यह मिशन, जो कि कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा 2018-19 में पुनः शुरू की गई एक केंद्र प्रायोजित योजना है, का मुख्य लक्ष्य बांस की खेती से लेकर उसके प्रसंस्करण (processing) और बाजार से जुड़ाव (market linkages) तक की पूरी मूल्य श्रृंखला (value chain) को विकसित करना है। मूल्य श्रृंखला का अर्थ है किसी उत्पाद को खेत से उपभोक्ता तक पहुंचाने में शामिल सभी चरण, जिससे उत्पाद का मूल्य बढ़ता है।

इस योजना के तहत, बिहार के किसान 10 डिसमिल से लेकर 50 डिसमिल तक की भूमि पर बांस लगाने के लिए वित्तीय सहायता प्राप्त करने के पात्र हैं। यह सहायता सब्सिडी (अनुदान) के रूप में दी जाएगी, जिससे किसानों पर पड़ने वाला प्रारंभिक आर्थिक बोझ कम हो सके। सामान्य किसानों को बांस के रोपण की कुल लागत का 50% तक सब्सिडी मिलेगी। वहीं, लघु एवं सीमांत किसानों के लिए, जिनके पास खेती योग्य भूमि कम होती है (आमतौर पर 2 हेक्टेयर से कम), यह दर बढ़कर 60% तक होगी। इस योजना के तहत, प्रति पौधा ₹240-250 तक की सब्सिडी प्रदान की जा सकती है, जो किसानों के लिए एक बड़ी राहत है।

इस पहल का मुख्य उद्देश्य किसानों को आत्मनिर्भर बनाना और उनकी आय में स्थायी वृद्धि करना है। बांस एक बहुउपयोगी फसल है जिसका उपयोग हस्तशिल्प, फर्नीचर, भवन निर्माण सामग्री, अगरबत्ती, और यहां तक कि बायो-ईंधन जैसे विभिन्न उद्योगों में होता है। बांस की खेती को बढ़ावा देकर, सरकार न केवल किसानों को एक नया और लाभकारी आय का स्रोत प्रदान कर रही है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था में नए व्यवसायों और रोजगार के अवसरों को भी जन्म दे रही है। यह योजना किसानों को अपनी उपज को सीधे बाजार से जोड़ने और प्रसंस्करण इकाइयों के माध्यम से अधिक मूल्य प्राप्त करने में मदद करेगी, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।

जो किसान इस महत्वपूर्ण योजना का लाभ उठाना चाहते हैं, वे उद्यान निदेशालय कृषि विभाग, बिहार के आधिकारिक पोर्टल पर 2026-27 की अवधि के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। यह योजना बिहार के कृषि क्षेत्र में विविधता लाने, पर्यावरण संरक्षण में योगदान देने और उद्यमिता को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे राज्य के छोटे व्यवसायियों और किसानों को सीधा लाभ मिलेगा।

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