बिहार में पत्थर खनन पट्टों (लीज़) की ई-नीलामी प्रक्रिया में तेजी लाई गई है। राज्य सरकार ने इस प्रक्रिया को गति देने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। अब जिला कलेक्टरों को पत्थर खनन पट्टों से संबंधित ई-नीलामी के अधिकार सौंप दिए गए हैं। ई-नीलामी एक इलेक्ट्रॉनिक बोली प्रक्रिया है, जो खनन पट्टों को प्राप्त करने के इच्छुक व्यवसायों के लिए एक पारदर्शी और निष्पक्ष मंच प्रदान करती है। यह निर्णय खनन क्षेत्र में पारदर्शिता और दक्षता बढ़ाने के उद्देश्य से लिया गया है। इस बदलाव से बिहार में पत्थर खनन व्यवसाय से जुड़े छोटे व्यवसायियों, ठेकेदारों और उद्यमियों को लाभ मिलने की उम्मीद है, क्योंकि इससे पट्टे प्राप्त करने की प्रक्रिया सरल और तेज हो सकती है।
बिहार में पत्थर खनन पट्टों की ई-नीलामी तेज, कलेक्टरों को मिले अधिकार

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