बिहार में पत्थर खनन पट्टों की ई-नीलामी तेज, कलेक्टरों को मिले अधिकार

ThisNews Desk(अपडेट: 12 अगस्त 2026 को 4:16 pm बजे)
बिहार में पत्थर खनन पट्टों की ई-नीलामी तेज, कलेक्टरों को मिले अधिकार
चित्र: Aleksandar Pasaric / Pexels

बिहार सरकार ने राज्य के पत्थर खनन क्षेत्र में महत्वपूर्ण सुधारों की घोषणा की है, जिसका उद्देश्य पारदर्शिता बढ़ाना, दक्षता में सुधार करना और राज्य के राजस्व में वृद्धि करना है। इन सुधारों के तहत, पत्थर खनन पट्टों के लिए ई-नीलामी प्रक्रिया को तेज किया जा रहा है और जिला कलेक्टरों को इन नीलामियों को आयोजित करने का अधिकार दिया गया है। यह कदम 'बिहार खनिज (अनुदान, अवैध खनन की रोकथाम, परिवहन और भंडारण) (द्वितीय संशोधन) नियम, 2026' के तहत औपचारिक रूप दिया गया है।

छोटे व्यवसायियों, ठेकेदारों और उद्यमियों के लिए यह जानना महत्वपूर्ण है कि ई-नीलामी एक ऑनलाइन बोली प्रक्रिया है, जिससे खदानों के पट्टे प्राप्त करने में अधिक निष्पक्षता आती है। अब आप घर बैठे या अपने कार्यालय से ही बोली लगा सकेंगे, जिससे बिचौलियों की भूमिका कम होगी। खान एवं भूविज्ञान विभाग इन सुधारों को लागू करने वाला प्राथमिक सरकारी निकाय है, और मेटल स्क्रैप ट्रेड कॉर्पोरेशन (MSTC) ई-नीलामी प्रक्रिया को सुविधाजनक बना रहा है।

नए नियमों के तहत, पत्थर खदानों के पहले वर्ष के लिए आरक्षित मूल्य में 25% की वृद्धि की जाएगी। आरक्षित मूल्य वह न्यूनतम कीमत होती है जिस पर किसी खदान का पट्टा नीलाम किया जा सकता है। यह सरकार के लिए राजस्व बढ़ाने का एक तरीका है। इसके अलावा, पत्थर खनन के लिए रॉयल्टी दर में भी काफी वृद्धि की गई है। अब यह ₹60-₹85 प्रति घन मीटर की पिछली दरों से बढ़कर ₹500 प्रति घन मीटर हो गई है। रॉयल्टी दर वह शुल्क है जो खनन किए गए खनिज की प्रत्येक इकाई के लिए सरकार को भुगतान किया जाता है। यह वृद्धि राज्य के खजाने को मजबूत करेगी।

राज्य सरकार ने वर्तमान में 44 नए पत्थर खनन भूखंडों को मंजूरी दी है, जो इस क्षेत्र में नए अवसरों का संकेत है। इन सुधारों से अवैध खनन पर अंकुश लगने और वैध खनन गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है, जिससे इस क्षेत्र में काम करने वाले व्यवसायों के लिए एक अधिक स्थिर और अनुमानित कारोबारी माहौल बनेगा। यह कदम बिहार की अर्थव्यवस्था के लिए एक सकारात्मक बदलाव ला सकता है, खासकर उन लोगों के लिए जो निर्माण और संबंधित उद्योगों में शामिल हैं।

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