पटना, बिहार में व्यापारिक समुदाय और उद्यमियों के लिए एक महत्वपूर्ण खबर है। पटना नगर निगम (PMC) ने मिलर हाई स्कूल के पास बीर चंद पटेल पथ पर स्थित 108 साल पुराने ऐतिहासिक जल मीनार परिसर के नवीनीकरण, सौंदर्यीकरण और विकास के लिए टेंडर आमंत्रित किए हैं। शहरी विकास एवं आवास मंत्री नीतीश मिश्रा ने इस पहल की घोषणा की है, जिसका उद्देश्य पटना की ऐतिहासिक विरासत को संरक्षित करना और इसे एक आकर्षक सार्वजनिक स्थान व पर्यटन स्थल में बदलना है।
इस परियोजना में पुराने जल मीनार का जीर्णोद्धार, आसपास के परिसर का सौंदर्यीकरण और एक आधुनिक कैफेटेरिया का निर्माण शामिल है। यह पूरा पुनर्विकास लगभग 14,400 वर्ग फुट क्षेत्र को कवर करेगा, जिसमें कैफेटेरिया का निर्माण लगभग 2,500 वर्ग फुट में होगा। 1915 और 1918 के बीच निर्मित यह जल मीनार लगभग 130 फीट ऊंचा है और इसकी क्षमता लगभग 100,000 गैलन है।
इस परियोजना का अनुमानित टेंडर मूल्य लगभग 3.34 करोड़ रुपये है, हालांकि इसे पहले लगभग 3.48 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति मिली थी। पटना नगर निगम निविदाएं आमंत्रित करने वाला प्राथमिक निकाय है, जिसमें शहरी विकास एवं आवास विभाग भी शामिल है। कार्यपालक अभियंता रामस्वरूप प्रसाद को टेंडर के लिए डीलिंग/जारी करने वाले अधिकारी के रूप में सूचीबद्ध किया गया है।
सितंबर 2026 तक टेंडर आमंत्रित किए गए हैं, जिसकी अंतिम तिथि 25 सितंबर, 2026 निर्धारित की गई है। कार्यकारी एजेंसी (वह कंपनी या ठेकेदार जिसे काम करने के लिए चुना जाएगा) के चयन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद निर्माण कार्य शुरू होने की उम्मीद है। काम अनुबंध दिए जाने के छह महीने के भीतर पूरा होने का लक्ष्य है।
यह परियोजना बिहार की अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण है, खासकर पटना में छोटे व्यवसायों (MSMEs), ठेकेदारों, व्यापारियों और उद्यमियों के लिए। निर्माण और नवीनीकरण कार्य से निर्माण कंपनियों, ठेकेदारों और भवन निर्माण सामग्री के आपूर्तिकर्ताओं के लिए अवसर पैदा होंगे। आधुनिक कैफेटेरिया की स्थापना और इसे सार्वजनिक आकर्षण में बदलने से आतिथ्य और पर्यटन क्षेत्रों में नए व्यावसायिक उद्यमों को बढ़ावा मिलेगा, जिसमें खाद्य सेवा प्रदाता और स्थानीय विक्रेता शामिल हैं। यह परियोजना निर्माण के दौरान कुशल और अकुशल दोनों तरह के श्रमिकों के लिए रोजगार के अवसर पैदा करेगी, और पूरा होने के बाद परिचालन कर्मचारियों के लिए भी। पर्यटन और सार्वजनिक आवाजाही में अपेक्षित वृद्धि से पटना जिले के आसपास के व्यवसायों और व्यापारियों को भी लाभ होगा।
