बिहार के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) विनय कुमार 15 सितंबर से 5 अक्टूबर, 2026 तक 21 दिनों की छुट्टी पर चले गए हैं। बिहार गृह विभाग ने व्यक्तिगत और स्वास्थ्य कारणों से उनकी यह छुट्टी मंजूर की है। इस अवधि के दौरान, 1991 बैच की भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) अधिकारी प्रीता वर्मा को बिहार के कार्यवाहक डीजीपी का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।
यह नियुक्ति बिहार पुलिस के इतिहास में एक महत्वपूर्ण क्षण है, क्योंकि प्रीता वर्मा राज्य पुलिस का नेतृत्व करने वाली पहली महिला आईपीएस अधिकारी बन गई हैं। वह अपनी नई अस्थायी जिम्मेदारी के साथ-साथ महानिदेशक, होम गार्ड और अग्निशमन सेवा के रूप में अपने मौजूदा कर्तव्यों का निर्वहन जारी रखेंगी। यह व्यवस्था विनय कुमार के 5 अक्टूबर, 2026 को छुट्टी से लौटने तक प्रभावी रहेगी।
1990 बैच के आईपीएस अधिकारी विनय कुमार को दिसंबर 2024 में बिहार का डीजीपी नियुक्त किया गया था, और उनका दो साल का निर्धारित कार्यकाल 12 दिसंबर, 2026 को समाप्त होने वाला है। राज्य गृह विभाग डीजीपी पद के लिए एक स्थायी उत्तराधिकारी की पहचान करने हेतु संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) को भेजे जाने वाले वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों के एक पैनल को अंतिम रूप देने में सक्रिय रूप से लगा हुआ है।
राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति किसी भी व्यवसाय के लिए एक मजबूत नींव होती है। पुलिस नेतृत्व की स्थिरता और प्रभावशीलता कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण है। एक मजबूत कानून-व्यवस्था का माहौल एक सुरक्षित व्यावसायिक वातावरण को बढ़ावा देने, निवेश आकर्षित करने और व्यापारियों, ठेकेदारों तथा श्रमिकों की सुरक्षा व विश्वास सुनिश्चित करने के लिए एक मूलभूत आवश्यकता है। बिहार के छोटे व्यवसायों, एमएसएमई (सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों) और उद्यमियों के लिए यह समझना महत्वपूर्ण है कि राज्य में प्रशासनिक स्थिरता और सुदृढ़ कानून-व्यवस्था उनके व्यापार के विकास और सुरक्षा के लिए सीधे तौर पर सहायक होती है।
