बिहार में अंतर्राष्ट्रीय व्यापार, निवेश और सतत ऊर्जा को बढ़ावा देने पर चर्चा

ThisNews Desk
बिहार में अंतर्राष्ट्रीय व्यापार, निवेश और सतत ऊर्जा को बढ़ावा देने पर चर्चा
चित्र: Nevil Patel / Pexels

26 अगस्त, 2026 को, बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने AACCI की प्रदेश अध्यक्ष अभिलाषा ठाकुर से मुलाकात की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य बिहार में अंतर्राष्ट्रीय व्यापार, निवेश, प्रौद्योगिकी सहयोग और सतत विकास को बढ़ावा देने के प्रस्तावों पर चर्चा करना था। बातचीत का केंद्र सतत ऊर्जा उत्पादन और दक्षता के लिए एक व्यापक पारिस्थितिकी तंत्र (समग्र व्यवस्था) का निर्माण करना था।

चर्चा के प्रमुख क्षेत्रों में नवीकरणीय ऊर्जा (सौर, पवन आदि जैसे प्राकृतिक स्रोत जो प्राकृतिक रूप से बार-बार बनते रहते हैं), ई-कचरा प्रबंधन (इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के कचरे को सही तरीके से निपटाना और रीसायकल करना), इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) तकनीक, ईवी चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर (इलेक्ट्रिक वाहनों को चार्ज करने के लिए आवश्यक सुविधाएं, जैसे चार्जिंग स्टेशन) और विनिर्माण शामिल थे। इस बैठक में AACCI की प्रदेश अध्यक्ष अभिलाषा ठाकुर और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के अलावा, केन्या के विशेषज्ञ और गुजरात के नीति-निर्माता तथा उद्योग विशेषज्ञ भी मौजूद थे। मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद, श्रीमती ठाकुर ने बिहार के ऊर्जा सचिव और परिवहन सचिव के साथ भी अलग-अलग बैठकें कीं।

हालांकि इस बैठक से सीधे तौर पर किसी विशिष्ट निवेश या रोजगार सृजन की घोषणा नहीं की गई, लेकिन यह पहल बिहार के व्यवसायों, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSMEs), व्यापारियों, श्रमिकों और उद्यमियों के लिए महत्वपूर्ण है। इसका उद्देश्य निवेश को आकर्षित करना, रोजगार के अवसर पैदा करना, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण को सुविधाजनक बनाना और दीर्घकालिक आर्थिक विकास को गति देना है। नवीकरणीय ऊर्जा, ई-कचरा प्रबंधन और ईवी तकनीक पर ध्यान केंद्रित करने से नए उद्योगों और कौशल विकास के अवसर खुलेंगे, जिससे इन उभरते क्षेत्रों में स्थानीय उद्यमियों और श्रमिकों को लाभ होगा।

बिहार सरकार राज्य में महत्वपूर्ण आर्थिक विकास के लिए सक्रिय रूप से प्रयास कर रही है। अगले पांच वर्षों में राज्य के बिजली क्षेत्र में स्मार्ट मीटरिंग, नवीकरणीय ऊर्जा विस्तार और ग्रिड आधुनिकीकरण के लिए लगभग 1.40 लाख करोड़ रुपये का निवेश पाइपलाइन में है। इसके अतिरिक्त, जुलाई 2026 में, बिहार सरकार ने बुनियादी ढांचे को बढ़ाने, नए उद्योगों को आकर्षित करने और रोजगार पैदा करने के लिए 25,000 करोड़ रुपये की औद्योगिक विकास योजना को मंजूरी दी थी। भारत टेक्स 2026 में 1,450 करोड़ रुपये से अधिक के 16 समझौता ज्ञापन (MoUs) पर हस्ताक्षर किए गए थे, जिनसे कपड़ा और परिधान क्षेत्र में 40,500 से अधिक रोजगार के अवसर पैदा होने का अनुमान है।

बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन पैकेज-2025 को 31 दिसंबर, 2026 तक या नई औद्योगिक नीति लागू होने तक बढ़ाया गया है, जो निवेशकों को प्रोत्साहन प्रदान करता है। बिहार अपनी बिहार जीसीसी नीति 2026 और बिहार एआई नीति 2026 के माध्यम से ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (बहुराष्ट्रीय कंपनियों के ऐसे केंद्र जो भारत में रहकर वैश्विक स्तर पर अपनी कंपनियों के लिए विभिन्न सेवाएं प्रदान करते हैं) और प्रौद्योगिकी निवेश के केंद्र के रूप में भी अपनी स्थिति मजबूत कर रहा है। ये सभी प्रयास बिहार को अंतर्राष्ट्रीय निवेशकों, प्रौद्योगिकी प्रदाताओं और वैश्विक व्यापार नेटवर्क से जोड़ने के चल रहे प्रयासों का हिस्सा हैं।

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