बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के मोतीपुर स्थित डुमरिया औद्योगिक क्षेत्र में एक नई फर्नीचर और इंटीरियर उत्पाद विनिर्माण इकाई स्थापित की जाएगी। इस महत्वपूर्ण परियोजना को बिहार औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकरण (BIADA) की राज्य-स्तरीय परियोजना निकासी समिति ने 1 जुलाई, 2026 को आधिकारिक मंजूरी दे दी है। इस इकाई की स्थापना में कुल ₹14.74 करोड़ का निवेश किया जाएगा।
यह आधुनिक विनिर्माण इकाई लगभग 0.46 एकड़, यानी लगभग 18,615.8 वर्ग फुट, औद्योगिक भूमि पर स्थापित होगी। यह इकाई घरेलू और कॉर्पोरेट उपयोग के लिए आधुनिक मॉड्यूलर फर्नीचर, उच्च गुणवत्ता वाली स्टील अलमारियाँ और प्रीमियम इंटीरियर उत्पादों का उत्पादन करेगी। 'मॉड्यूलर फर्नीचर' ऐसे फर्नीचर को कहते हैं जो अलग-अलग हिस्सों को जोड़कर बनाया जाता है, जिसे आवश्यकतानुसार आसानी से बदला या पुनर्व्यवस्थित किया जा सकता है।
इस परियोजना से मुजफ्फरपुर और आसपास के जिलों के युवाओं के लिए लगभग 50 प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है। 'प्रत्यक्ष रोजगार' का अर्थ है सीधे इकाई में काम करने वाले लोग, जबकि 'अप्रत्यक्ष रोजगार' उन लोगों के लिए अवसर पैदा करता है जो इकाई को सेवाएं या सामान प्रदान करते हैं, जैसे सप्लायर, ट्रांसपोर्टर या रखरखाव कर्मी। यह इकाई स्थानीय समुदाय में तकनीकी कौशल विकास और उद्यमिता (नए व्यवसाय शुरू करने की क्षमता) को भी बढ़ावा देगी।
यह पहल बिहार की अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इसका उद्देश्य मुजफ्फरपुर में औद्योगिक गतिविधियों को तेज करना और विनिर्माण क्षेत्र को मजबूत करना है। इससे आधुनिक और टिकाऊ फर्नीचर उत्पादों के लिए बिहार की अन्य राज्यों पर निर्भरता कम होगी। बिहार सरकार औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए सक्रिय रूप से काम कर रही है।
सरकार की बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नीति (BIIPP) जैसी विभिन्न नीतियां पूंजी निवेश सब्सिडी (सरकार द्वारा निवेश लागत का एक हिस्सा वहन करना), रोजगार-लिंक्ड प्रोत्साहन (नौकरियां पैदा करने पर लाभ) और ऋणों पर ब्याज सब्सिडी (ऋण पर लगने वाले ब्याज का एक हिस्सा सरकार द्वारा चुकाना) जैसे लाभ प्रदान करती हैं। बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन पैकेज-2025 को 31 दिसंबर, 2026 तक बढ़ा दिया गया है। राज्य सरकार एक एकीकृत औद्योगिक नीति पर भी काम कर रही है, जिसका लक्ष्य 2025 की औद्योगिक नीति के तहत पांच वर्षों में ₹5 लाख करोड़ का निवेश आकर्षित करना है। यह परियोजना राज्य के औद्योगिक परिदृश्य को बेहतर बनाने और रोजगार सृजित करने की व्यापक रणनीति के अनुरूप है।
